नई दिल्ली:– दिल्ली में विधानसभा चुनाव में बहुत ही कम समय बचा है। सभी पार्टियां राजधानी का किला फतह करने के लिए एक्टिव हो गई हैं। इन दिनों राजधानी में लेटर वॉर चल रहा है। पहले इस लेटर वॉर में एलजी वीके सक्सेना और सीएम आतिशी मार्लेना ने एक दूसरे पर लेटर बम फोड़ा तो अब शिवराज सिंह चौहान ने एलजी की जगह ले ली है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान नए साल वाली सियासी चिट्ठी पर दिल्ली की सीएम आतिशी मार्लेना ने जवाब दिया है। आतिशी ने अपने बयान में कहा कि बीजेपी का किसानों के बारे में चिंता करना वैसे ही है जैसे दाऊद इब्राहिम अहिंसा पर प्रवचन दे रहा हो। उन्होंने कहा कि किसानों का जितना बुरा हाल बीजेपी के समय हुआ, उतना पहले कभी नहीं हुआ।
और क्या बोलीं आतिशी मार्लेना?
सीएम ने अपने बयान में कहा कि पंजाब में किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं। पीएम मोदी से कहिए कि उनसे बात करें। बीजेपी के राज में किसानों पर लाठियां और गोलियां चलाई गयीं। आतिशी ने कहा कि आप किसानों के मुद्दे पर राजनीति करना बंद करो। इससे पहले शिवराज सिंह चौहान ने आतिशी को पत्र लिखकर किसानों की हालत पर चिंता जाहिर की थी।
शिवराज सिंह के पत्र में क्या?
1 जनवरी को आतिशी को लिखे अपने पत्र में शिवराज सिंह ने दिल्ली में किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजधानी में आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार किसानों के प्रति बहुत उदासीन है। शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी हमला करते हुए कहा कि आप सुप्रीमो ने हमेशा चुनाव से पहले बड़ी-बड़ी घोषणाएं करके राजनीतिक लाभ उठाया है।
दिल्ली में नहीं लागू हुईं किसान हितैषी योजनाएं
उन्होंने कहा कि केजरीवाल सत्ता में आते ही जनहित के फैसले लेने की बजाय अपनी समस्याओं का रोना रोने लगे। यह बताते हुए कि आप पिछले 10 वर्षों से राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता में है, चौहान ने कहा कि पार्टी की सरकार ने केंद्र सरकार की किसान-हितैषी योजनाओं को दिल्ली में लागू नहीं किया है।
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शिवराज सिंह ने कहा कि दिल्ली में केंद्र की कृषि योजनाओं का क्रियान्वयन न होने के कारण किसान भाई-बहनों को नर्सरी व टिशू कल्चर की स्थापना, रोपण सामग्री की आपूर्ति, फसल कटाई के बाद प्रबंधन के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण, नए बाग, पॉली हाउस और कोल्ड चेन सब्सिडी समेत अनेक योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा किसानों के कल्याण में बाधा नहीं बननी चाहिए। आप सरकार को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर किसानों के हित में फैसले लेने चाहिए।
