जयपुर . राजस्थान में पानी को लेकर कई बार समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अब इसमें प्रदेश की गहलोत सरकार ने एक बड़ा ऐलान किया है। राजस्थान में विषम भौगोलिक परिस्थिति एवं छितराई बसावट ( दूर दूर घर बनाकर रहना ) को देखते हुए हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 166 ग्रामीण जलप्रदाय परियोजनाओं के लिए 1 हजार 577 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी है।
इस फंडिंग से विभिन्न कार्यों को मिलेगी गतिगहलोत की इस स्वीकृति से जल जीवन मिशन के अंर्तगत प्रदेश में चल रहे विभिन्न कार्यों को गति मिलेगी तथा निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण हो सकेंगे, जिससे गांव-ढाणी तक लोगों को नल से जल उपलब्ध हो सकेगा। इस स्वीकृति के अंतर्गत प्रदेश के करौली जिले में 47 योजनाएं, उदयपुर में 24, डूंगरपुर में 19, जयपुर में 18, जैसलमेर में 12, सिरोही में 8, जोधपुर में 7, धौलपुर में 6, सीकर में 5, सवाई माधोपुर तथा प्रतापगढ़ जिले में 4-4, श्रीगंगानगर में 3, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा और अलवर में 2-2 तथा हनुमानगढ़ में 1 सहित कुल 166 योजनाओं की क्रियान्वित की जा सकेंगीग्रामीण परिवारों तक नल से मिल रहा है जलसरकारी आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में वर्तमान में लगभग 27 लाख ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचाने का काम जारी है।
अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 166 ग्रामीण जलप्रदाय परियोजनाओं के लिए 1 हजार 577 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी है तो वहीं अब इस काम को ओर गति मिलेगी। जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन के लिए दिसम्बर 2019 में दिशा-निर्देश जारी हुए थे। इसके अन्तर्गत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को मार्च 2024 तक शुद्ध पेयजल के लिए कार्यशील घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था, जिसकी प्राप्ति पर हर व्यक्ति को निर्धारित गुणवत्ता वाला पेयजल नियमित रूप से उपलब्ध होगा।