नही दिल्ली:– महिलाओं को अपने बालों से बहुत लगाव होता है। बालों को सुन्दर बनाने के लिए वे तरह-तरह के तरीके अपनाती हैं और कई स्टाइल भी बनाती है। बालों के स्टाइल भी व्यक्ति की आंतरिक छवि को दर्शाते हैं। लेकिन जगह के हिसाब से बालों के स्टाइल में भी बदलाव आता है। अब धर्म की दृष्टि से देखा जाए तो महिलाओं का खुले बाल रखना शुभ नहीं माना जाता। खुले बाल रखना वर्जित माना जाता है। इसके लिए कई तरह के मत दिए जाते हैं कि खुले बाल रखने से नकारात्मक ऊर्जा आती है। वहीं शास्त्रों के अनुसार कुछ जगह ऐसी हैं जहां महिलाओं को खुले बाल रखकर नहीं जाना चाहिए। इन जगहों पर खुले बाल रखकर जाना अशुभ माना जाता है। तो चलिए जानते हैं महिलाओं के लिए किन 5 जगहों पर बाल खुले रखने से मना किया जाता है वैसे तो रसोई घर, मंदिर, शादी पार्टी पर भी कभी बाल खोल कर नही जाना चाहिए।
- विशाल पेड़ों के नीचे
माना जाता है कि जो बड़े और विशाल पेड़ होते हैं उनपर भूतों का साया होता है। विशाल पेड़ जैसे बरगद, आम, पीपल आदि के पेड़। इन पेड़ों के लिए समाज में कई तरह की भ्रांतियां जुड़ी हुई है। इसलिए महिलाओं का खुले बालों में इन बड़े पेड़ों के नीचे जाना वर्जित माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि अगर कोई महिला ऐसा करती है तो उनपर बुरी शक्तियां उसपर हावी हो जाती हैं। - सुनसान जगह
सुनसान जगहों को भी भूतों का स्थान माना जाता है। कहा जाता है कि ऐसे स्थानों पर अक्सर बुरी शक्तियां निवास करती है और यहां पर नहीं जाना चाहिए। इसलिए महिलाओं को इन स्थानों पर खुले बाल छोडकर जाना मना किया जाता है। - कुएं के पास
पुराने ज़माने में पानी का स्त्रोत माने जाने वाले कुएं भी नकारात्मक ऊर्जा का केंद्र माने जाते हैं। क्योंकि कई लोग इन कुओं में डूबकर मर जाते थे। इसलिए महिलाओं को कुओं के पास भी खुले बाल छोड़कर नहीं जाने दिया जाता। ऐसा माना जाता है कि बुरी शक्तियां घेरा डाल लेती है और उस महिला के पीछे आ जाती हैं। - श्मशान घाट पर
अंतिम स्थान श्मशान घाट भी कई तरह की आत्माओं से घिरा रहता है। इसलिए वहां भी महिलाओं को जाने से मना किया जाता है, खासकर खुले बालों में। क्योंकि यहां से भी नेगेटिव एनर्जी हावी होने का डर होता है। - नदि किनारे
नदी के किनारे भी महिलाओं को खुले बालों में नहीं जाना चाहिए। इससे घर में नकारत्मक ऊर्जा आ जाती है। क्योंकि इन स्थानों पर भी नकरात्मक ऊर्जा हमेशा एक्टिव रहती हैं।
