नई दिल्ली:– आज के समय में हर घर में एलपीजी गैस सिलेंडर एक ज़रूरी हिस्सा बन चुका है। रसोई का सारा काम इसी पर निर्भर करता है। लेकिन क्या आपको पता है कि सरकार ने गैस सिलेंडर से जुड़े कुछ नए नियम लागू किए हैं? अगर आप इन नियमों को नहीं जानते हैं तो अगली बार सिलेंडर भरवाते समय आपको ज्यादा पैसे चुकाने पड़ सकते हैं। आइए आसान भाषा में इन नए नियमों को समझते हैं और जानते हैं कि आम आदमी के लिए क्या बदलाव आए हैं।
अब सिलेंडर की तौल आपके सामने की जाएगी।
सिलेंडर में कम गैस मिलने पर तुरंत शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
डिजिटल बिल देना डिलीवरी बॉय के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
सिलेंडर पर QR कोड स्कैन करके पूरी जानकारी मिल सकती है।
अब गैस सिलेंडर बुकिंग के बाद समयसीमा के भीतर ही डिलीवरी जरूरी है।
सिलेंडर डिलीवरी लेते वक्त उसका वजन जरूर चेक करें।
डिलीवरी बॉय से डिजिटल या फिजिकल बिल जरूर लें।
सिलेंडर के ऊपर दिया गया सील जरूर जांचें, वह टूटा न हो।
QR कोड को स्कैन करके उसकी सत्यता की पुष्टि करें।
कम गैस या कोई गड़बड़ी मिलने पर 1906 टोल फ्री नंबर पर शिकायत करें।
वजन में कमी होने पर तुरंत पकड़ में आ जाएगी।
बिल की पक्की रसीद मिलने से कोई गड़बड़ी नहीं होगी।
समय पर डिलीवरी से ग्राहक को अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
QR कोड से सिलेंडर की प्रामाणिकता जानने में सुविधा होगी।
शिकायत दर्ज करने पर तुरंत कार्रवाई होगी और नुकसान की भरपाई हो सकेगी।
पॉइंट जांचने का तरीका
वजन 29.5 किलो खाली सिलेंडर का वजन, उसके हिसाब से भरवा हुआ वजन चेक करें
सील कंपनी द्वारा लगी सील सही तरीके से लगी हो
QR कोड सिलेंडर पर मौजूद QR कोड को मोबाइल से स्कैन करें
बिल बिल में सिलेंडर नंबर, वजन और राशि सही से दर्ज होनी चाहिए
लीकेज चेक साबुन के पानी से लीकेज टेस्ट करें, बुलबुले बनें तो लीकेज है
यदि गड़बड़ी मिले तो क्या करें?
तुरंत डिलीवरी बॉय को वहीं रोकें और वजन की दोबारा जांच कराएं।
अगर संतुष्ट न हों तो 1906 पर शिकायत करें।
ऐप या वेबसाइट के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
शिकायत करने पर कंपनी द्वारा गैस सिलेंडर बदला जाएगा या उचित मुआवजा दिया जाएगा।
हर दिन गैस की खपत बढ़ रही है और इसके साथ ही फ्रॉड के मामले भी।
नए नियम उपभोक्ताओं को सुरक्षा और पारदर्शिता प्रदान करते हैं।
अगर लोग जानकारी नहीं रखेंगे तो आसानी से ठगे जा सकते हैं।
थोड़ी सी सजगता से हजारों रुपये बचाए जा सकते हैं।
बिना वजन चेक किए कभी सिलेंडर रिसीव न करें।
बिल और सिलेंडर नंबर मिलाकर जरूर देखें।
QR कोड स्कैन करने की आदत डालें।
अगर कोई गड़बड़ी मिले तो डरें नहीं, तुरंत शिकायत करें।
डिलीवरी के समय घर के सदस्य को भी इन बातों की जानकारी दें।
एलपीजी गैस सिलेंडर हर घर की ज़रूरत है, लेकिन अगर हम थोड़ी सी जागरूकता दिखाएं तो खुद को फ्रॉड से बचा सकते हैं। सरकार ने जो नए नियम बनाए हैं, उनका पालन करना न सिर्फ हमारा अधिकार है, बल्कि हमारी सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। अगली बार जब भी सिलेंडर भरवाएं, इन नियमों का ध्यान रखें और अपने पैसे और सेहत दोनों की रक्षा करें। याद रखें, जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित उपभोक्ता होता है।
