कोलकाता, 12 फरवरी । पश्चिम बंगाल के आसनसोल, बिधाननगर, सिलीगुड़ी और चंद्रनगर के चार नगर निगमों के लिए शनिवार सुबह सात बजे से शुरू हुए मतदान में पहले चार घंटे में लगभग 28.5 प्रतिशत मतदान हुआ।
जानकारी के अनुसार, शांतिपूर्वक मतदान के लिए चार आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व में 9,000 से अधिक राज्य सशस्त्र कर्मी लगाये गये हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच सुबह सात बजे से चारों नगर निकायों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ।
सूत्रों ने बताया कि 11 बजे तक 28.5 फिसदी मतदान हुआ है।
उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी में 28.7 प्रतिशत, चंद्रननगर में 25.69 प्रतिशत,बिधाननगर में 29.81 प्रतिशत तथा आसनसोल 30.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
एक अधिकारी ने बताया,“कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हो रहा है। हिंसा की कोई घटना नहीं हुई है। चुनाव आयोग ने इन नगर निगम क्षेत्रों से कुछ गड़बड़ी पर ध्यान दिया है, जहां बाहरी लोग मतदाताओं की कतार में दिखे थे।”
बिधाननगर के 41 वार्डों के लिए 203 और सिलीगुड़ी के 47 वार्डों के लिए 201 उम्मीदवार मैदान में उतरे हैं। आसनसोल में 106 वार्डों के लिए सबसे अधिक 430 उम्मीदवार मैदान में हैं और चंद्रननगर में 33 वार्डों के लिए कुल 120 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं, जहां 32 वार्डों में मतदान हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, वार्ड 17 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रत्याशी की मौत के बाद मतदान स्थगित कर दिया गया है। सिलीगुड़ी में 4,02,897 मतदाता हैं, जिनमें 1,98,899 महिलाएं और 18 थर्ड जेंडर शामिल हैं, बंगाल का एकमात्र निकाय है, जहां पिछले पांच वर्षों से वाम दल का शासन है।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व मंत्री गौतम देव, सिलीगुड़ी के पूर्व मेयर अशोक भट्टाचार्य और भाजपा विधायक शंकर घोष सिलीगुड़ी में मैदान में उतरे हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आसनसोल के वार्ड 27 में भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि उनके चुनाव एजेंट को पुलिस ने मतदान बूथ में प्रवेश नहीं दिया। वहीं दूसरी ओर टीएमसी ने श्री तिवारी के खिलाफ चुनाव आयोग में चुनाव नियमों का उल्लंघन करने की शिकायत दर्ज कराई है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने आरोप लगाया है कि आसनसोल में वार्ड 79 में उसके बूथ परिसर में तोड़फोड़ की गई है। उल्लेखनीय है कि यह चुनाव पहले 22 जनवरी को होना था लेकिन कोविड -19 के मामले बढ़ने के कारण कोलकाता उच्च न्यायालय ने स्थगित कर दिया था। जिसके बाद राज्य चुनाव निकाय ने मतदान के लिए 12 फरवरी की तारीख तय की और परिणाम 14 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।