धमतरी:- छत्तीसगढ़ में हाल ही में पंचायत चुनाव हुए. इसी दौरान धमतरी जिले में भी सरपंच, पंच, जनपद पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव हुए. धमतरी के भटगांव पंचायत से एक अनोखी बात जुड़ी है. ग्रामीणों का कहना है कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद भटगांव पंचायत के चार सरपंच की मौत हो चुकी है. जिनमें से तीन की मौत कार्यकाल के दौरान ही हुई थी.
2005 में पहली बार हुए पंचायत चुनावों में केशवंतीन बाई सरपंच बनी, उन्होने कार्यकाल पूरा किया. साल 2010 में झनक सिंह सरपंच बने लेकिन बीच में ही बीमारी से मौत हो गई. उनकी मौत के बाद फिर उप चुनाव हुए, जिसमे गिरवर देवदास सरपंच बने, कार्यकाल पूरा होने के कुछ दिन बाद उनकी मौत बीमारी से हो गई. 2015 में मोहित देवांगन सरपंच बने, कार्यकाल पूरा किया और अभी भी स्वस्थ है. 2020 में अजमेर सिंह सरपंच बने, एक साल में ही बीमारी से उनकी मौत हो गई. फिर उपचुनाव हुए और बोधन सिंह सरपंच बने. साल 2025 में हुए पंचायत चुनाव से 2 माह पहले बीमारी से उनकी मौत हो गई.
मकसूदन सिन्हा बताते हैं “भटगांव पंचात में अब तक चार सरपंच की मौत हो चुकी है. जो काफी चर्चा में है. सरपंच का कार्यकाल पूरा क्यों नहीं हो पाता, ये लोगों की समझ से परे हैं.
पंचायत चुनाव 2025 में भटगांव पंचायत से फागू राम साहू सरपंच बने हैं. 12वीं तक पढ़े फागू राम 1994 से राजनीति में जुड़े. साल 1994 से 1999 तक पंच रहे. 2005 से 2010 तक उपसरपंच रहे. वर्तमान में सरपंच बने हैं. उनके दादा और बड़े भाई पंच रह चुके हैं. फागू राम भटगांव पंचायत के बारे में फैली हुई मान्यता को सिरे से दरकिनार करते हैं. उनका मानना है कि जीवन और मृत्यु दोनों सत्य है और ये ईश्वर के हाथ में है.
फागू राम कहते हैं भटगांव में सरपंच की मौत को मैं निराधार समझता हूं. मौत सभी का तय है, आना और जाना लगा रहता है. जितने भी पूर्व में सरपंच की मृत्यु हुई वह किन्हीं कारणों से हुई है, बीमारी से हुई है. यह आदमी के नजरिए पर निर्भर करता है. घर परिवार का राजनीतिक माहौल रहा, इसलिए परिवार के लोग भी इस तरह की बातें नहीं मानते, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
सरपंच फागू राम को यकीन है कि वे अपना कार्यकाल जरूर पूरा करेंगे. वे दावा कर रहे हैं कि इस अजीब मान्यता को गलत सिद्ध करेंगे. उन्हें अपने आराध्य देवता पर और अपने शुभचिंतकों की शुभकामनाओं पर पूरा भरोसा है.
