मध्यप्रदेश:- केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को नए फार्मूले से लागू करने का ऐलान किया है। इसके बाद कर्मचारियों की सैलरी में तगड़ा उछाल आने वाला है। वहीं, केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता मार्च 2024 में बढ़ेगा। 4 फीसदी डीए बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता और महंगाई राहत बढ़कर 50 फीसदी तक पहुंच जाएगा। हालांकि, अभी इसे केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलनी बाकी है। आइए जानते है नया कैलकुलेशन क्या है?
जुलाई में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की गणना नई पद्धति से की जाएगी। इसके पीछे एक वजह है, दरअसल महंगाई भत्ता 50 फीसदी तक पहुंचने के बाद इसे शून्य कर दिया जाएगा और नए तरीके से महंगाई भत्ते की गणना 0 से शुरू होगी। केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 46 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा है। हालांकि AICPI इंडेक्स डेटा से साफ है कि इस बार भी DA में 4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
क्या होता है महंगाई भत्ता
बता दें कि सरकारी कर्मचारियों को उनकी जीवन यापन के लागत स्तर को बेहतर बनाने के लिए महंगाई भत्ता मिलता है। महंगाई के अनुपात में महंगाई भत्ते की कैलकुलेशन होती है। कर्मचारी को उनके रहन-सहन का स्तर सुधारने के लिए महंगाई भत्ता और पेंशन धारकों को महंगाई राहत दिया जाता है।
नई सीरीज से होता है कैलकुलेट
श्रम मंत्रालय ने साल 2016 में 7वां वेतन आयोग लागू होने के बाद महंगाई भत्ते की कैलकुलेशन का फॉर्मूला भी बदल दिया था। श्रम मंत्रालय ने महंगाई भत्ते के आधार वर्ष 2016 में बदलाव किया और मजदूरी दर सूचकांक WRI-Wage Rate Index की एक नई सीरीज जारी की।
श्रम मंत्रालय ने कहा कि आधार वर्ष 2016=100 के साथ WRI की नई सीरीज 1963-65 के आधार वर्ष की पुरानी सीरीज की जगह ली।
कैसे की जाती है मंहगाई भत्ते की गणना
महंगाई भत्ते की गणना 7वें वेतन आयोग के महंगाई भत्ते की वर्तमान दर को मूल वेतन से गुणा करके की जाती है। यदि आपका मूल वेतन 56,900 डीए 56,900 x46/100 रुपये है, तो वर्तमान दर 46% है। महंगाई भत्ते का प्रतिशत = पिछले 12 महीनों का औसत सीपीआई – 115.76. अब जो भी आएगा वह 115.76 से विभाजित होगा। प्राप्त संख्या को 100 से गुणा किया जाएगा।
कितना मिलेगा DA
महंगाई भत्ते के 7वें वेतन आयोग के तहत सैलरी कैलकुलेशन के लिए कर्मचारी की बेसिक सैलरी पर DA कैलकुलेट करना होगा। मान लीजिए किसी केंद्रीय कर्मचारी की न्यूनतम बेसिक सैलरी 25,000 रुपए है तो उसका महंगाई भत्ता 25,000 का 46% होगा। 25,000 रुपए का 46% यानी कुल 11,500 रुपए होगा। ये एक उदाहरण है। इसी तरह बाकी सैलरी स्ट्रक्चर वाले भी अपनी बेसिक सैलरी के हिसाब से इसे कैलकुलेट कर सकते हैं।
