नई दिल्ली:– केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना के लाभार्थी, अपनी आईडी को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते के साथ लिंक करने को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं थे। नतीजा, आभा और सीजीएचएस कार्ड को लिंक करने की प्रक्रिया बहुत धीमी चल रही थी। अब केंद्र सरकार ने 45 लाख सीजीएचएस लाभार्थियों को बड़ी राहत प्रदान की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना महानिदेशालय ‘सीजीएचएस’ ने आदेश जारी किया है कि अब सीजीएचएस कार्ड को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते के साथ लिंक करना अनिवार्य नहीं है। यह स्वेच्छापूर्वक और वैकल्पिक है। यह व्यवस्था आगामी आदेशों तक जारी रहेगी।
केंद्र सरकार के कर्मचारी, इन दोनों आईडी को लिंक करने को लेकर असमंजस में रहे हैं। कर्मियों को लगता है कि उक्त दोनों आईडी को लिंक करने के बाद निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा खत्म या कम हो सकती है। हालांकि केंद्र सरकार की तरफ से इस बाबत, अभी तक कुछ नहीं कहा गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत सीजीएचएस के कुल लाभार्थियों की संख्या 4521387 है। 28 मार्च से शुरू हुई इस मुहिम के तहत अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक एक लाख तेरह हजार लाभार्थियों ने ही आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता संख्या नंबर सृजित कर उसे सीजीएचएस के साथ लिंक किया था। सात मई तक यह संख्या डेढ़ लाख तक ही पहुंची थी। सरकार ने ‘एबीएचए’ बनाने की समय सीमा तय की थी। यह समय सीमा 30 जून से तीन माह के लिए बढ़ाई गई। इसके साथ ही सीजीएचएस आईडी को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता से लिंक करने की समयावधि को आगे बढ़ाया गया। इसमें 120 दिन का इजाफा किया गया था। 30 जून से 120 दिन के भीतर सीजीएचएस और एबीएचए को लिंक करना होगा
पहले तीस दिन का समय दिया गया था
केंद्र सरकार ने पहले सीजीएचएस और एबीएचए को आपस में लिंक करने के लिए लाभार्थियों को तीस दिन का समय दिया था। यह अवधि 30 अप्रैल को समाप्त होनी थी। इसके बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना महानिदेशालय ने 15 अप्रैल को एक नया कार्यालय ज्ञापन ‘ओएम’ जारी किया था। इसमें ‘एबीएचए’ आईडी बनाने की समय सीमा बढ़ा दी गई। साथ ही सीजीएचएस आईडी को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाते से लिंक करने की समयावधि को भी बढ़ाया गया था।
एबीएचए बनाने की समय सीमा बढ़ी
पहले सीजीएचएस लाभार्थियों की आईडी और एबीएचए को आपस में लिंक करने की प्रक्रिया पहली अप्रैल से शुरू करने की बात कही गई थी। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों से कहा गया था कि वे इस कार्य को तीस दिन में पूरा कर लें। कर्मियों ने जब इस आदेश पर सवाल उठाया तो आभा आईडी बनाने की समय सीमा बढ़ा दी गई। यह समय सीमा 30 जून से तीन माह (90 दिन) के लिए बढ़ाई गई। इसके साथ ही केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना आईडी को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता से लिंक करने की समयावधि भी बढ़ा दी। इसमें 120 दिन का इजाफा किया गया। यानी 30 जून से 120 दिन के भीतर सीजीएचएस और एबीएचए को लिंक करना होगा। इस कार्य में सीजीएचएस लाभार्थियों की मदद के लिए सभी वैलनेस सेंटरों पर कियोस्क स्थापित किए जा रहे हैं। ये कियोस्क 30 जून तक कार्य करना शुरू कर देंगे।
कोई बड़ा निर्णय ले सकती है सरकार
सीजीएचएस कार्ड को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट से 30 दिन के भीतर लिंक करना होगा, जब यह आदेश आया था तो कर्मियों को ऐसी आशंका होने लगी कि केंद्र सरकार, देर-सवेर सीजीएचएस को लेकर कोई बड़ा निर्णय ले सकती है। यह आशंका जताई गई कि कर्मचारियों और पेंशनरों को सीजीएचएस से दूर किया जा सकता है। सरकारी कर्मियों के लिए प्राइवेट अस्पतालों में इलाज की सुविधा खत्म हो सकती है। स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद की स्टेंडिंग कमेटी के सदस्य और अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी के महासचिव सी. श्रीकुमार ने इस बाबत पिछले दिनों ‘स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय’ के सचिव को पत्र लिखा था।
कर्मियों की सलाह लेना जरूरी नहीं समझा
श्रीकुमार ने अपने पत्र में लिखा, कर्मचारी संगठनों और जेसीएम ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का समर्थन नहीं किया है। बतौर श्रीकुमार, यह निर्णय हैरान करने वाला है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसा निर्णय लेने से पहले केंद्रीय कर्मचारी संगठनों और स्टाफ साइड की राष्ट्रीय परिषद की स्टेंडिंग कमेटी की सलाह लेना भी जरूरी नहीं समझा। यह भारत सरकार का एक सोचा समझा कदम है। इसके जरिए सरकारी कर्मियों पर यह दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि वे केवल सरकारी अस्पतालों में ही इलाज कराएं। कर्मचारी, सीजीएचएस एम्पेनलमेंट अस्पतालों को अलविदा कह दें।
