वॉशिंगटन: एक नए अध्ययन से पता चला है कि डायनासोर का वर्तमान में अस्तित्व हो सकता है। हालांकि वह पृथ्वी पर नहीं बल्कि किसी दूसरे ग्रह पर मौजूद होंगे। रॉयल एस्ट्रोनॉमिकल सोसायटी जर्नल के मासिल नोटिस में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में तर्क दिया गया कि पृथ्वी से दूर अन्य ग्रहों पर डायनासोर जैसी कुछ प्रजातियों के होने की संभावना है। स्टडी की प्रमुख लेखिका लिसा कल्टेनेगर ने खुलासा किया, ‘रहने लायक ग्रहों के बारे में समझने के लिए हमारी वर्तमान समझ पृथ्वी के विशिष्ट प्रकाश फिंगरप्रिंट से काफी प्रभावित हुई है।’
उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन एक समय ऐसा था जब लाइट की यह फिंगरप्रिंट और भी मजबूत थी। तब जीवन की खोज आसान थी।’ लेकिन अच्छी खबर है कि इंसानों के पास वह टेक्नोलॉजी है, जो दूसरे ग्रहों पर प्रजातियों का पता लगा सकती है। मनुष्य अन्य ग्रहों पर जुरासिक वर्ल्ड का पता लगा सकते हैं। इन प्राणियों का पता लगाने के लिए दूसरे ग्रहों पर उन यौगिकों की खोज करनी होगी जो आज पृथ्वी पर नहीं मिलते, लेकिन डायनासोर के समय में वह थे।
डानासोर के समय ज्यादा था ऑक्सीजन
अध्ययन से पता चला है कि डायनासोर के युग के दौरान धरती पर ऑक्सीजन बढ़ा हुआ था। ऑक्सीजन स्तर अन्य ग्रहों पर जटिल जीवन के अस्तित्व के लिए एक मूल्यवान संकेतक के रूप में काम कर सकता है। डायनासोर के समय में पृथ्वी पर ऑक्सीजन का स्तर लगभग 30 फीसदी ज्यादा था, जिससे जटिल जीवों को पनपने का मौका मिला। वर्तमान में ऑक्सीजन स्तर 21 प्रतिशत पर स्थिर हो गया है।
ब्रह्मांड में मिल सकता है जीवन!
इस खोज से यह भी सुराग मिल सकता है कि कोई ग्रह फैनरोइज चरण में है। अगर कोई ग्रह इस चरण में है तो उन पर बड़ा और जटिल जीवन पनपने की सारी सुविधा होगी, जो डायनासोर के अस्तित्व का संभावित स्रोत है। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक कार्नेल यूनिवर्सिटी की वैज्ञानिक रेबेका पायने ने कहा कि फेनेरोइजक पृथ्वी के इतिहास का सबसे हालिया 12 फीसदी हिस्सा है, लेकिन इसमें लगभग पूरा समय शामिल है। इस समय जीवन जीवाणु, रोगाणुओं और स्पंजों की तुलना में ज्यादा जटिल था। हमें इससे आशा मिलती है कि कहीं और ब्रह्मांड में जीवन हो सकता है।
