*दिल्ली: बीते दिनों शनिवार शाम को ही आई लिस्ट में ही भाजपा ने 111 सीटों पर भी कैंडिडेट घोषित कर दिए, जिनको लेकर चर्चाएं थीं। इस तरह देखा जाए तो भाजपा अब तक उन 90 फीसदी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार चुकी है, जिनमें उसे लड़ना है। पहले राउंड का मतदान 19 अप्रैल को होग करीब 25 दिन पहले 400 उम्मीदवार तय करना बीजेपी की तेजी को जाहिर करता है। इस बार चुनाव में डेढ़ महीने का समय लगना है। ऐसे में इन उम्मीदवारों को प्रचार के लिए भी पूरा समय मिले बीजेपी अपने इन फैसलों से कुछ संदेश देना चाह रही है। बीजेपी ने समय रहते कैंडिडेट घोषित करके उन्हें चुनाव प्रचार करने के लिए पर्याप्त समय दिया है। भाजपा अपने दम पर 370 सीटों का टारगेट लेकर चल रही है। पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद सत्र में भी यह बात कही थी। समय रहते भाजपा उन सीटों पर भी रूठे कार्यकर्ता और नेताओं की नाराजगी दूर कर सकेगी, जहां कुछ कद्दावर नेताओं के भी टिकट काटे गए हैं। जैसे कि गाजियाबाद से जनरल वीके सिंह, बक्सर से अश्विनी चौबे, नई दिल्ली से मीनाक्षी लेखी, भोपाल से साध्वी प्रज्ञा, दिल्ली से रमेश बिधूड़ी और प्रवेश वर्मा जैसे कुछ नाम शामिल भाजपा ने इस बार न सिर्फ विवादित नेताओं को दूर किया है बल्कि ऐसे वरिष्ठ नेताओं को भी चुनावी रेस से बाहर कर दिया जो लंबे समय से बने हुए थे।अपने लक्ष्य को पाने के लिए बीजेपी ने आंध्र में टीडीपी और पवन कल्याण से दोस्ती से समझा जा सकता है। इसके अलावा पंजाब में अकाली दल को साथ लाने की कोशिश है। महाराष्ट्र में भाजपा बड़े गठबंधन की नेता है। इस तरह सहयोगी दलों को साथ लाने और विपक्षियों को तोड़ने से भाजपा को फायदे की उम्मीद है। शनिवार को ही नवीन जिंदल भी पार्टी में आए और उन्हें कुरुक्षेत्र से टिकट भी मिला है।
