नई दिल्ली: – कांग्रेस का 84वां अधिवेशन गुजरात में बुधवार को संपन्न हुआ है। अधिवेशन में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई बड़े कांग्रेस नेता मौजूद रहे। इस दौरान गुजरात में कांग्रेस का परचम लहराने की तैयारी को लेकर कार्यकर्ताओं और नेताओं को एकजुट किया गया। हालांकि एआईसीसी (AICC) के मंच से अधिवेशन के दौरान ऐसा नारा निकला जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में बवाल मच गया है। भाजपा नेता रविशंकर ने इस नारे पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
ऑल इंडिया नेशनल कांग्रेस की ओर से अहमदाबाद में 64 साल बाद आयोजित कांग्रेस के अधिवेशन में कार्यकर्ता और नेता पूरे उत्साह में नजर आए। इस दौरान एक नेता ने सोनिया और राहुल गांधी का नाम लेकर ऐसा नारा लगाया कि राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। भाजपा नेता रविशंकर इन नारों का विरोध किया है।
‘सोनिया गांधी हिन्दुस्तान’, ‘राहुल गांधी हिन्दुस्तान’ का गूंजा नारा
गुजरात में एआईसीसी के मंच से बृहस्पतिवार को कांग्रेसी नेता का एक नारा तेजी से वायरल हो रहा है। यहां पार्टी के एक नेता मंच से नारा लगा रहे हैं, ‘सोनिया गांधी हिन्दुस्तान’, ‘राहुल गांधी हिन्दुस्तान’। यह नारा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो बवाल मच गया। सोनिया और राहुल के साथ हिन्दुस्तान जोड़कर नारा लगाने के बाद राजनीतिक गलियारों में विरोध के स्वर भी तेज हो गए हैं।
सोनिया गाँधी हिंदुस्तान ?
राहुल गाँधी हिंदुस्तान ?
ये क्या होता है ?
साथ में ओवरएक्टिंग भी देखें , समझ नहीं आ रहा…
ये काँग्रेस का अधिवेशन चल रहा है या कॉमेडी शो..
भाजपा नेता रविशंकर ने कहा- ये क्या तमाशा
एआईसीसी के मंच से ‘सोनिया गांधी हिन्दुस्तान’, ‘राहुल गांधी हिन्दुस्तान’ नारा लगने पर भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर ने कहा है, ये क्या तमाशा है भाई। ये क्या होता है। सोनिया और राहुल के साथ हिन्दुस्तान जोड़कर क्यों नारे लगाए जा रहे हैं। कभी ‘इंदिरा इज इंडिया’ और ‘इंडिया इज इंदिरा’ कहा गया है। ये नारा लगाया जा रहा था तो किसी ने इसे रोकने की कोशिश क्यों नहीं की। राहुल और सोनिया को हिन्दुस्तान कहा जा रहा है। ये लोग क्या साबित करना चाहते हैं।
वक्फ बिल पर भी राहुल को लिया आड़े हाथ
रविशंकर ने कहा कि वक्फ विधेयक को लेकर सदन में इतना विरोध चल रहा था तो राहुल गांधी उस समय क्यों चुप बैठे थे। 12-14 घंटे की चर्चा में वह समझ नहीं पा रहे होंगे कि आखिर बोलना क्या है। तभी तो जो भी बोलना है या विरोध करना है वह सदन खत्म होने के बाद समझ पाए और फिर बोलना शुरू किया
