नई दिल्ली, 19 जनवरी । केन्द्र सरकार ने देश में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने में लगी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इरेडा की परियोजनाओं को ऋण देने की उसकी क्षमता बढ़ाने के लिए उसे 1,500 करोड़ रुपये की शेयर पूंजी देने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दी।
केन्द्रीय मंत्रिमंडल के इस निर्णय की जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा,“ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने आज भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास संस्था लिमिटेड (इरेडा) में नकदी देकर इक्विटी शेयर खरीदने के जरिये 1,500 करोड़ रुपये का निवेश करने को मंजूरी दे दी।”
उन्होंने कहा,“ यह बड़ा फैसला है, इस निर्णय से सौर ऊर्जा क्षेत्र में कंपनी 3,500 से 4,000 मेगावाट क्षमता की अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं के सृजन के लिए कंपनी लगभग 12,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ऋण दे सकेगी। उन्होंने बताया क पिछले छह वर्षों में इरेडा का ऋण पोर्टफोलियो 8,800 करोड़ रुपये से बढ़कर 28,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
श्री ठाकुर ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार कंपनी अपने नेटवर्थ के 20 प्रतिशत के बराबर ही किसी एक कर्जदार को कर्ज दे सकती है। नई शेयर पूंजी मिलने से कंपनी का नेटवर्थ बढ़ेगा और वह अधिक ऋण दे सकेगी। उन्होंने कहा,“ हमारी सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष बल दिया है, इरेडा में नई पूंजी डालने से उसकी ऋण देने की क्षमता बढ़ेगी और वह बेहतर तरीके से कर्ज दे सकेगी।”
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार इरेडा को सरकार की ओर से कंपनी को नकद पूंजी दी जा रही है। इससे अतिरिक्त परियोजनाओं को सहायता दी जा सकेगी और 10,200 रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। सरकार का यह भी कहना है कि इससे कार्बन डाई ऑक्सइड उत्सर्जन में लगभग 74.9 लाख टन प्रतिवर्ष की कमी आयेगी।
इरेडा एक मिनी रत्न कंपनी है, जो नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के नियंत्रण के अधीन है। इसकी स्थापना 1987 में हुई थी, ताकि अक्षय ऊर्जा क्षेत्र के लिये एक विशिष्ट गैर-बैंकिंग वित्त एजेंसी के तौर पर काम हो सके। इरेडा को 34 वर्ष से अधिक का तकनीकी-वाणिज्यिक अनुभव है। वह आरई परियोजना वित्तपोषण में मुख्य भूमिका निभाती है, जिससे वित्तीय संस्थाओं/ बैंकों को इस क्षेत्र में ऋण देने में विश्वास पैदा होता है।