गरियाबंद।गरियाबंद जिले में राजकीय पशु की मौत हो गई. उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व में सोमू नाम के वन भैंसा की अचानक पेट फूलने के बाद मौत हो गई. तीन डॉक्टरों की टीम ने भैंसे का पोस्टमार्टम किया है. तीन महीने पहले ही मादा वन भैंस खुशी की मौत हुई थी. ऐसे में धीरे-धीरे राजकीय पशु विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए हैं. वर्तमान में उदंती अभयारण्य में 7 ही वन भैंसे रह गए हैं. जिसमें से 5 बाड़े में और 2 बाहर विचरण कर रहे हैं.
उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक आयूष जैन के मुताबिक 11 नवंबर की सुबह वन भैंसा प्रजनन और संवर्धन केंद्र जुगाड़ में रखे सभी वन भैंसों का स्वास्थ और गतिविधि सामान्य पाया गया. आज सुबह करीब 11 बजे मैदानी अमले ने सोमू वनभैंसे का पेट फूला मिला. जिसके बाद इलाज के लिए पशुचिकित्सकों को गरियाबंद से बुलाया गया.
डॉक्टरों के उदंती सीतानदी टाईगर रिजर्व पहुंचने से पहले दूरभाष पर दी गई सलाह अनुरूप वन अमले और डबल्यूटीआई की टीम ने प्राथमिक इलाज किया. लेकिन पशुचिकित्सक पहुंच पाते उससे पहले ही सोमू वन भैंसा की मौत हो गई. 10 नवंबर को प्रजनन एवं संवर्धन केंद्र में रखे सभी वनभैंसों का डबल्यूटीआई की टीम और वन अमले ने निरीक्षण किया था. उस दौरान सभी वनभैंसे स्वस्थ हालत में पाए गए थे.
3 पशुचिकित्सक के दल मुख्य वनसंरक्षक वन्यप्राणी रायपुर, उपनिदेशक उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व, सहायक संचालक उदंती, परिक्षेत्र अधिकारी दक्षिण उदंती और अन्य वन अमले की मौजूदगी में सोमू वनभैंसे का पोस्ट मार्टम किया गया. पोस्ट मार्टम में एकत्रित सैंपल की रिपोर्ट के बाद ही मौत की सही वजह सामने आ पाएगी.