रायपुर:- छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र के दौरान अलग-अलग दिन अलग-अलग मुद्दों के साथ कांग्रेस सदन में उतरेगी. उन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कांग्रेस ने की है. इसकी रणनीति बनाने के लिए सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई गई. जिसमें नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर चरणदास महंत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व मंत्री, सहित कांग्रेस विधायक और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.बैठक नेता प्रतिपक्ष महंत के शंकर नगर स्थित शासकीय आवास पर रखी गई थी.
सदन से सड़क तक घेरने की रणनीति: इस दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा की यह दूसरा बजट सत्र है, पहले बजट में साय सरकार ने जो वादे किए थे वो पूरा नहीं हुए, चाहे पीएम आवास हो, चाहे रोजगार हो, चाहे नक्सल का मुद्दा हो, आम जनता और महिलाओं के साथ लूट खसोट जारी है, प्रशासन चुप्पी साधे हुए है, किसानों की बिजली कटौती समेत कई मुद्दे है, काम रोको का प्रस्ताव भी लाने की तैयारी है, हर दिन के लिए अलग अलग स्ट्रैटजी होगी. सदन से सड़क तक घेरने की रणनीति बनी है.
मोदी की एक भी गारंटी छत्तीसगढ़ में पूरी नहीं”: महंत ने कहा 16 माह पहले बीजेपी ने मोदी की गारंटी का लॉलीपॉप दिखाकर एक साल में वादा पूरे करने का झूठा सपना जनता को दिखाया और सत्ता हासिल की थी, उसमें से कुछ को पहले बजट में शामिल कर पूरा करने का आश्वासन दिया गया था, मोदी की गारंटी के अनुरूप भाजपा का एक भी वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है.
महंत ने कहा 18 लाख प्रधानमंत्री ग्रामीण योजना का लाभ हितग्राहियों को नहीं मिल पा रहा है. हितग्राही को मात्र एक किश्त जारी की गई हैं. उसके बाद आवास पूर्ण होने पर सम्पूर्ण राशि देने का आश्वासन विभागीय अधिकारियों की तरफ से दिया जा रहा है. राशि के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के गरीब हितग्राही, आवास निर्माण नहीं कर पा रहे है. महतारी वंदन योजना में मृतक हितग्राहियों के खाते में राशि दी जा रही है जबकि पात्र हितग्राही, योजना से वंचित हो रहे हैं. अपात्रों, शासकीय कर्मचारियों और फिल्मी कलाकारों को महतारी वंदन का लाभ दिया जा रहा है. योजना शुरू होने से प्रदेश के लगभग 30 हजार पात्र हितग्राहियों को आज तक एक भी किश्त नहीं मिली है.
महंत ने कहा कि तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को बोनस की 4500 रुपये प्रति मानक बोरा राशि आज तक नहीं मिल पाई है. धान उपार्जन की राशि एक मुश्त देने का किसानों से वादा किया गया था. जिसे सरकार की तरफ से अलग-अलग किश्तों में भुगतान किया जा रहा है. प्रदेश के स्कूलों में 35 हजार शिक्षकों की भर्ती बजट में घोषणा की गई थी, राशि भी स्वीकृत हुई, एक वर्ष बीतने के बाद भर्ती का विज्ञापन तक नहीं निकाला गया.
साय सरकार को बजट सत्र में घेरने की रणनीति: महंत ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था का हाल जनता देख रही है. प्रदेश में गैंगवार चल रहा है. राजधानी के पुलिस थानों और जेल के सामने दिन दहाड़े गोलियां चल जाती है. प्रदेश मादक पदार्थो की तस्करी और अवैध शराब का कॉरिडोर बन गया है. प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में छात्राओ से अनाचार के मामले गंभीर है. आदिवासी कन्या आश्रमों में पढ़ने वाली छात्राएं गर्भवती हो रही है. प्रदेश में महिलाएं और बच्चियां सुरक्षित नहीं है.
महंत ने कहा कि प्रदेश के जल-जंगल-जमीन, उद्योग धंधे, निजी क्षेत्रों को बेचने की विधिवत योजना बनाई जा रही है. ऐसे कई जनहित के मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार को आइना दिखाने का काम इस बजट सत्र में कांग्रेस पार्टी करेगी.