
रायपुर। हिमाचल प्रदेश के चुनाव में मिली शिकस्त के बाद अचानक एक फैसला केंद्र सरकार ने लिया और लोगों को पेट्रोल के दाम कम कर दिवाली का तोहफा दिया। अब इसे लेकर सियासी बयानबाजी शुरू हो चुकी है। पेट्रोल के दाम में आई गिरावट अब सियासी बन चुकी है। विपक्षी नेता इसे चुनाव में मिली हार का नतीजा बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा का दावा है कि लोगों की तकलीफ को ध्यान में रखकर मोदी सरकार ने यह फैसला लिया है।

ट्विटर पर भारतीय जनता की तरफ से लिखा गया है कि पेट्रोल और डीजल के उत्पाद शुल्क में पांच और दस रुपए घटाने का फैसला मोदी सरकार ने लिया है, अब वेट कम कर भूपेश सरकार भी छत्तीसगढ़ की पेट्रोल डीजल के दाम कम करें। इस पर कांग्रेसियों की प्रतिक्रिया भी सामने आ रही हैं।