कोरबा, । माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सबसे बड़े बिजली संयंत्र को 1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर प्लांट को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी के नाम पर इस संयंत्र का नामकरण करने की घोषणा की।उन्होंने कहा कि जनरेशन कंपनी ने सारी प्रक्रिया तेजी से की है, कोयले का आबंटन मिल चुका है। पर्यावरण मंत्रालय से टर्म आफ रिफरेंस प्राप्त हो चुका है। इसे शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।मुख्यमंत्री ने 12 हजार 915 करोड़ रूपए के लागत से बनने वाले छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी हसदेव ताप विद्युत गृह की नवीन सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना कोरबा (पश्चिम) के शिलान्यास एवं विकास कार्यों के लोकार्पण भूमिपूजन कोरबा में किया।
उन्होंने समारोह में कहा कि कोरबा ऊर्जा की राजधानी है। नेहरु जी ने 1957 में यहां बिजली प्लांट की शुरुआत की थी। अब तक के सबसे बड़े 1320 मेगा वाट के पावर प्लांट के लिए आप सबको बधाई।हमारे यहां बिजली की खपत प्रति व्यक्ति देश में सबसे ऊपर है। हमारे यहां 42 लाख परिवारों को आधे रेट में 400 यूनिट तक बिजली दे रहे हैं। किसानों को हमने 12357 करोड रुपए की सब्सिडी उपलब्ध कराई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सोलर ऊर्जा से पंप स्टोरेज तकनीक से 7700 मेगावाट के पांच संयंत्र लगाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं। बिजली व्यवस्था को लेकर हम लगातार काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मोर बिजली एप के नए वर्जन से आप लाइन में फाल्ट आने, बिजली कटने, खराब होने की शिकायत भी कर सकते हैं।इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि विकास के काम पूरे हो रहे है। आज पांवर प्लांट का भूमिपूजन हुआ है। क्रिटिकल पॉवर प्लांट से प्रदूषण कम होगा। आने वाले दिनों कोयले से नहीं बल्कि पानी से बिजली बनाई जाएगी।ऊर्जा सचिव व पावर कंपनी के चेयरमेन अंकित आनंद ने कहा कि यहां पर 660 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित होंगी।
भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए कोरबा में 660-660 मेगावाट की दो नई इकाइयों की स्थापना की जा रही है। 1320 मेगावाट का यह सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन प्रदेश का सबसे बड़ा और आधुनिक संयंत्र होगा। इससे एक ओर प्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर होंगा वहीं दूसरी ओर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।समारोह की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने की।
