नई दिल्ली:– भाजपा के जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दलित आरक्षण खत्म करने की विपक्ष के दावे का जिक्र किया।
उन्होंने लाभार्थियों से संपर्क करने और भ्रम दूर करने की सलाह दी, ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में इसे लेकर कोई दिक्कत न आए। उन्होंने कांग्रेस के वर्ष में एक लाख रुपये देने के कथित झूठे आश्वासन का भी जिक्र किया और कहा कि विपक्ष के झूठ का पर्दाफाश करने के लिए जनप्रतिनिधि भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ जुट जाएं।
कुछ जनप्रतिनिधियों ने मतदान प्रतिशत कम होने और बोगस वोट अधिक होने को भाजपा के पक्ष में मतदान कम होने का कारण बताया। इस पर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों के पास मतदाता सूची उपलब्ध है। वह अभी से 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने की दिशा में कार्य करना शुरू कर दें।
बोगस मतों को चिह्नित कर उन्हें सूची से बाहर कराएं और जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उनका नाम सूची में शामिल कराने के लिए जुट जाएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जनप्रतिनिधियों का आह्वान किया कि वह विकास और जनकल्याण के कार्यों की सतत निगरानी करें। सभी अपने क्षेत्र में पात्रों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए तत्पर रहें।
विकास कार्यों की जितनी भी संभावना है, जनप्रतिनिधि उस पर प्रस्ताव तैयार कराएं। साथ ही ऐसे पात्र लोगों को केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं से जोड़ें जिन्हें किन्हीं कारणवश किसी योजना का लाभ न मिल पाया हो। आमजन की संतुष्टि ही किसी जनप्रतिनिधि के काम का मानक है, इसलिए आमजन का विश्वास जीतने में कोई कोर- कसर न छोड़ें।
