पार्टी सूत्रों के अनुसार 90 में से लगभग 70 सीटों पर सिंगल नाम तय हो गए हैं, जबकि 20 सीटों पर दो दो नामों का पैनल बना है। बताया जा रहा है कि पार्टी को सबसे ज्यादा समस्या टिकट काटने को लेकर हो रही है। कांग्रेस की परंपरा रही है कि पार्टी कभी भी सिटिंग एमएलए की टिकट नहीं काटती है, लेकिन पार्टी के सर्वे में पता चला है कि लगभग 20 से ज्यादा विधायकों से उनसे क्षेत्र की जनता नाराज है। वहां मौजूदा विधायकों को टिकट दिए जाने का विरोध हो सकता है। इसके बावजूद पार्टी ने मौजूदा सभी मंत्रियों को टिकट देने का फैसला किया है।
कांग्रेस के दो सिटिंग एमएलए का टिकट कटना लगभग तय माना जा रहा है। इनमें पहला नाम देवेंद्र यादव का है। यादव मुख्यमंत्री के करीबी माने जाते हैं बावजूद इसके पार्टी उन्हें टिकट नहीं देगी। वहीं चंद्रदेव राय को भी इस बार पार्टी टिकट नहीं देगी। दोनों पहली बार के विधायक हैं। सूत्रों के अनुसार प्रत्याशी चयन को लेकर हुए बैठकों में इन दोनों को टिकट दिए जाने पर एक राय नहीं बन पाई। बताया जा रहा है कि ज्यादातर नेता दोनों को टिकट दिए जाने के खिलाफ में हैं।
