रायपर :- दुर्ग में हुए बच्ची के साथ क्रूरता और हत्या के मामले को लेकर कांग्रेस ने 18 से 21 अप्रैल तक दुर्ग से रायपुर तक न्याय यात्रा निकालने का ऐलान किया था, लेकिन बाद में इस यात्रा को स्थगित कर दिया. इसके पहले भी कई आंदोलन की तारीखों का ऐलान किया गया, लेकिन बाद में उसे रद्द कर दिया गया. कांग्रेस धान खरीदी, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार सहित कई अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश करती है. आंदोलन का ऐलान करती है, लेकिन बाद में आंदोलन ठंडे बस्ते में चला जाता है.
कांग्रेस ने कब-कब आंदोलन का किया ऐलान : कांग्रेस का 13 अप्रैल 2025 को राजभवन ज्ञापन देने जाने का कार्यक्रम रखा था बाद में इसे स्थगित कर दिया गया, इसी तरह दुर्ग मामले को लेकर 18 से 20 अप्रैल 2025 तक न्याय यात्रा निकालने का ऐलान कांग्रेस ने किया था .इसे भी स्थगित कर दिया. 4 मार्च 2025 को युवा कांग्रेस ने शासकीय राशन दुकान के घेराव का ऐलान किया था, उसे भी बाद में स्थगित कर दिया गयाय इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस ने 01 अक्टूबर 2024 को कांग्रेस प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में महत्वपूर्ण विषय पर प्रेस वार्ता और पोस्टर विमोचन किया जाना था,इसमें राज्यसभा सांसद फूलों देवी नेताम एवं प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा प्रेस वार्ता लेने वाले थे. ये कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया. 4 जुलाई 2024 को छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस ने पूरे प्रदेश के प्रत्येक जिलों में बिजली सब स्टेशन का घेराव करने का ऐलान किया था.ये भी नहीं हुआ. इतना ही नहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 30 अप्रैल 2024 को रायपुर में प्रेसवार्ता लेने वाले थे.ये भी कार्यक्रम नहीं हुआ.
कांग्रेस पर दिशाहीन होने का आरोप : इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अनुराग अग्रवाल का कहना है कि कांग्रेस दिशाहीन हो चुकी है, उनके पास मुद्दे नहीं है. किसी भी विषय पर अचानक विरोध करने के लिए ही सिर्फ विरोध करते हैं. उसके लिए घोषणा कर देती है. जिस दुर्ग की घटना पर कांग्रेस यात्रा निकालने वाली थी. पहले दिन ही पुलिस ने तत्परता से घटना की जांच की अपराधी को पकड़ा. फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह बात सही साबित हो गई. कांग्रेस बिना वजह मामले को तूल देने के लिए छत्तीसगढ़ की फिजा खराब करने के लिए यह आंदोलन की घोषणा की थी और जब फोरेंसिक रिपोर्ट आ गया, तो उसके बाद उन्हें वापस होना पड़ा.
ये कोई पहला मामला नहीं है. इसके पहले बलौदाबाजार में भी असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ की थी. उस मामले पर कार्रवाई हो रही थी. सिर्फ राजनीतिक रोटी सेकने के लिए छत्तीसगढ़ में सबसे जघन्य हत्याकांड कांग्रेस के समर्थन में हुआ, उनके विधायक अंदर रहे. वहीं घटना अभी कवर्धा में दोहराने की कोशिश कर रहे थे.हारने के बाद कांग्रेस जनहित कार्य की बजाए छत्तीसगढ़ की फिजा खराब करने का प्रयास कर रही है. उस प्रयास में वे आंदोलन की घोषणा करते है. फिर फंसने के बाद वापस ले लेते हैं- अनुराग अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता बीजेपी
‘कांग्रेस की नहीं बहू बेटियों की चिंता करे बीजेपी’- वहीं कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर का कहना है कि बीजेपी को कांग्रेस आंदोलन कैसे करें, उसके चिंता नहीं करनी चाहिए. कांग्रेस के नेता कार्यकर्ता आंदोलन करने में सक्षम है. बीजेपी को प्रदेश की महिलाएं बेटियां मासूम बच्चियों की चिंता करनी चाहिए.जो बीजेपी सरकार में असुरक्षित हैं.आए दिन छेड़छाड़ बलात्कार की घटनाएं हो रही है. बीजेपी सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में नाकाम रही है. गृहमंत्री विजय शर्मा अपनी जिम्मेदारियां का निर्वहन नहीं कर पा रहे हैं.
नवरात्रि पर कन्या पूजन के दिन 6 साल की मासूम बच्ची के साथ गलत काम होता है. उसकी हत्या कर दी जाती है.पूरा देश से दुखी रहा,कांग्रेस पार्टी इस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रही, उसे न्याय दिलाने के लिए आवाज उठा रही है, आंदोलन की बात की थी. धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि क्या यही साय सरकार का सुशासन तिहार है. उस मासूम बेटी के साथ जो घटना घटी है, इससे बीजेपी नेताओं का दिल नहीं पसीजा. कांग्रेस की चिंता कर रहे हैं, कांग्रेस की चिंता ना करें. गृहमंत्री को कहिए कि कानून व्यवस्था मजबूत बनाएं और प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षा दें.
डेढ़ साल में जो घटनाएं हो रही है, छत्तीसगढ़ में रोज 8 से 9 महिलाओं के साथ बलात्कार हो रहा है. रायपुर में महीने में 22 और दुर्ग में 14 बलात्कार हो रहे हैं. 90 चोरियां रायपुर में महीने में हो रही है, दुर्ग में रोज चोरी हो रही है. हत्या रोज हो रहे हैं.बीजेपी की सरकार इसे रोकने में असफल रही है.अपराधियों पर कानून का खौफ नहीं है.कानून नाम की चीज नहीं है. खुलेआम गांजा बिक रहा है, सट्टा चल रहा है, नशा का कारोबार चल रहा है और जब कांग्रेस आंदोलन की बात करती है, तो बीजेपी के नेता कहते हैं आंदोलन कौन करेगा. कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता इस कुशासन सरकार के खिलाफ आंदोलन करने में सक्षम है- धनंजय सिंह ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता,कांग्रेस
कांग्रेस के विरोध फेल होने के क्या हैं कारण : वहीं दुर्ग मामले सहित महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर शुरू की जाने वाली न्याय यात्रा को स्थगित किए जाने पर राजनीति के जानकार वरिष्ठ पत्रकार उचित शर्मा का कहना है कि हो सकता है कि बड़े नेता इसमें ना जुड़ पा रहे हो, या भीड़ इकट्ठी ना हो पा रही हो. इसके अलावा कोई और राजनीति कारण भी हो सकते हैं, संगठनात्मक कारण भी हो सकते हैं, इस दौरान संगठन एक जुटता कमी देखने को मिल रही है.
कांग्रेस इन दोनों लीडरशिप की क्राइसिस से गुजर रही है. कांग्रेस कई धड़ में बटी है. महंत,बाबा, दीपक बैज और भूपेश बघेल की टीम अलग-अलग नजर आ रही है. एक जुटता इनमें नजर नहीं आ रही है. सिर्फ भूपेश बघेल अकेले लड़ते दिख रहे हैं. अब पुराने सीनियर नेता भी नहीं दिख रहे हैं. वह लोग अब भूपेश के साथ खड़े नजर नहीं आ रहे हैं. रविन्द्र चौबे ताम्रध्वज साहू और मोहम्मद अकबर यह लोग नहीं दिख रहे हैं. यह पूरी लड़ाई अकेले दम पर हो रही है-उचित शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार
वरिष्ठ पत्रकार उचित शर्मा की माने तो कांग्रेस पार्टी बटी हुई है. इस बीच पार्टी और संगठन बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है. यह भी देखने को मिल रहा है कि जिन लोगों का साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को मिलनी चाहिए, वह मिलती नजर नहीं आ रही है. जिस संगठन को दमदारियां मजबूती के साथ आवाज बुलंद करनी थी.वह नहीं हो पा रहा है. विपक्ष कमजोर नजर आ रहा है, इसमें कोई शक नहीं है. सबसे प्रमुख बात यह है कि साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव मैं मिली हार के बाद कांग्रेस छोटे-छोटे टुकड़ों में बटती नजर आ रही है.