नई दिल्ली:– कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने शुक्रवार को दावा किया कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी से सरकार की महत्वाकांक्षी ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना में 455 करोड़ रुपये का कोई हिसाब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह धनराशि ‘गायब’ हो गई है। हालाँकि, इस दावे पर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “आरटीआई से खुलासा हुआ है कि मोदी सरकार की ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना में 455 करोड़ रुपये का कोई अता-पता नहीं है।” उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा पिछले 10 वर्षों से ‘बहुत हुआ नारी पर वार’ जैसे विज्ञापनों का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।
कांग्रेस ने सरकार से पूछे सवाल
कांग्रेस का कहना है कि मंत्रालय के पास 455 करोड़ रुपये के खर्च का कोई हिसाब नहीं है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार को यह भी नहीं पता कि यह राशि कहाँ खर्च हुई। खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि “जिस योजना की तारीफ खुद प्रधानमंत्री करते नहीं थकते, उसमें इतनी बड़ी गड़बड़ी गंभीर सवाल खड़े करती है। इससे साफ है कि मोदी सरकार के लिए महिला सशक्तिकरण केवल चुनावी जुमला भर है।”
खड़गे ने भाजपा शासित राज्यों में महिला सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “पुणे में सरकारी बस में महिला से बलात्कार हो, मणिपुर और हाथरस की घटनाएँ हों या फिर महिला ओलंपिक चैंपियंस का मामला, बीजेपी राज में महिला सुरक्षा का नामोनिशान नहीं बचा है।”
आरटीआई से हुआ खुलासा
कांग्रेस ने बताया कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के खर्च को लेकर एक RTI दायर की गई थी, जिसमें इस योजना के वित्तीय विवरण की जानकारी मांगी गई थी। पार्टी का दावा है कि सरकार इस योजना में हुए खर्च का सही हिसाब नहीं दे पाई है, जिससे बड़ी वित्तीय गड़बड़ी का संकेत मिलता है। खड़गे ने कहा कि “हमने हाल ही में ‘बेटी बचाओ’ योजना पर मोदी सरकार से तीन सवाल पूछे थे, जिनमें से एक सवाल सरकारी आँकड़ों को छिपाने को लेकर था। अब RTI के ताजा खुलासे से मोदी सरकार की हकीकत एक बार फिर सामने आ गई है।”
