*कोरबा/किसी देश का संविधान वह मौलिक कानून है जो सरकार के विभिन्न अंगों की रूपरेखा कार्य निर्धारण नागरिकों के हितों का संरक्षण करता है।भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था विश्वस्तरीय प्रशंसा प्राप्त है फिर भी भारतीय लोकतंत्र में सुचारू कामकाज में कई बाधाएं हैं जिनके लिए भेदभाव गरीबी सांप्रदायिकता जातिवाद लोकतंत्र के प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं

अतः सभी भारतीयों का कर्तव्य है मिलकर इसे दूर करें लोकतंत्र मजबूत करने नित्य नूतन चिर पुरातन धारणा की वजह से ही भारत में लोकतंत्र फल फूल रहा है हम सबको सोचने की आवश्यकता है लोकतंत्र के प्रति आस्थावान कैसे बनाया जाए युक्त उदगार शीतल निकुंज सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा ने एसईसीएल डीएवी स्कूल मुड़ापार में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किया।

प्राचार्य अनामिका भारती ने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ भीमराव अंबेडकर के व्यक्तित्व कृतियों को रेखांकित करते हुए संविधान अनुपालन की आवश्यकता बताई दुनिया के लोकतांत्रिक व्यवस्था में भारत के पौराणिक व्यवस्था से ही अनुकरण कर लिया गया है और यह सत्य है दुनिया को भारत ने हमेशा राह दिखाई यह अमेरिका स्वीटजरलैंड फ्रांस जापान जैसे देश की तरह ना कठोर है ना ही ब्रिटेन इजराइल की तरह लचीला है ।जिला कानूनी सलाहकार रमाकांत दुबे अपने उद्बोधन में संविधान के प्रति जागरूक करने डॉक्टर अंबेडकर के 125 में जयंती पर बताया भारतीयों के रग रग में लोकतंत्र बसता है भारत लोकतंत्र की जननी है

प्रशिक्षु न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष जांगड़े ने बताया भारतीय संविधान एक लोकतांत्रिक राष्ट्र का वादा करता है जो हम भारतीयों को सभी प्रकार का अधिकार प्रदान करता है यह अधिकार हम निर्वाचन नामावली में नाम अंकित कराकर प्राप्त करते हैं। प्रशिक्षण न्यायिक मजिस्ट्रेट रिचा यादव विशिष्ट आतिथ्य उद्बोधन में संविधान की व्यापक व्याख्या भावार्थ बताते हुए प्रेरक उद्बोधन भारतीय में संविधान को दुनिया का सबसे व्यापक संविधान है इसे निरंतर अध्ययन की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर पुलिस प्रभारी मानिकपुर प्रहलाद राठौर नशा से निजात होने वाले दुष्प्रभाव पर प्रेरक उद्गार व्यक्त किया कार्यक्रम संचालन आभार प्रदर्शन घनश्याम तिवारी सांस्कृतिक प्रभारी डीएवी पब्लिक स्कूल एसईसीएल ने किया। इस अवसर आर अनुराधा कवर,आर प्रवीण लाल,मोहन सिंह,शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित छात्र-छात्राएं समस्त शैक्षणिक व शैक्षणिक सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।