मध्यप्रदेश :- मऊगंंज सरकार हर दिन किसानों के लिए आमदनी का धंधा बताने उन्हें सुविधा मुहैया कराने और किसानों के हितैषी कहने में जरा भी गुरेज नहीं करती किसानों के लिए खाद बीज आधुनिक यंत्र सब कुछ फ्री में सुविधाजनक किसानों के घर और खेतों तक सरकारी दस्तावेजों से भेजा जा रहा हैं किंतु यह सब कुछ किसानों के खेत तक पहुंचने में शायद वक्त लग सकता है कृषि विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक व्यवस्था के चलते सारी योजनाओं और सुविधाओं से 75 फ़ीसदी किसान वंचित है मऊगंज जिला बनने के बाद 15 अगस्त को वर्ष गांठ मनाई जाएगी एक वर्ष बीत जाने के बाद कृषकों सहित अन्य व्यवस्थाएं 10 फ़ीसदी भी सुधार की दिशा में विभागीय जागरूकता की कमी है किसानों की बात की जाए तो वर्ष 2016 में आठ वर्ष बीत जाने के बाद 36 लाख की लागत से मृदा परीक्षण प्रयोगशाला अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बंगले के पीछे सर्वसुविधा युक्त बनकर खड़ा है आश्चर्य है कि इस मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का अब तक ताला ही नहीं खुल पाया मृदा परीक्षण की सूची विभागों से होकर भोपाल तक पहुंच रही है हजारों लाखों किसान मृदा परीक्षण सरकारी दस्तावेजों में दर्ज होंगे मृदा की गुणवत्ता कैसी है यह कोई नहीं जानता कितने किसान मिट्टी के संबंध में जागरुक है कौन सी खेती करने के लिए कौन सी मिट्टी उपयोगी है यह सब कुछ अभी कृषि विभाग के काली कोठरी के सफेद दस्तावेजों में उपलब्ध है कैसे किसान समृद्धि और किसानी को लाभ का धंधा बना पाएगा किन कारणों से आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का ताला नहीं खुला इसके पीछे कौन जवाबदार है और उत्तरदायित्व किसका है किस तरीके से कृषि विभाग किसानों से मिट्टी लेकर कहां परीक्षण करता है और कैसे किसानों को मिट्टी के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराता है जबकि मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का कभी ताला ही नहीं खुला
ना बैठक ना जागरूकता
मऊगंज जिले में कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मुख्यालय में बैठे हैं यह अलग बात है की रीवा से विभाग का संचालन होता है किसानों द्वारा बताया गया की ना कोई बैठक ना कोई जागरूकता और ना कोई किसानों के हित में विशेष संवाद किया गया योजनाएं बैनर पोस्ट पर दिख रही है रवि और खरीफ फसलों में कितने प्रकार के बीज किसानों को मिलते हैं मिले हैं या मिलने चाहिए इसका कोई लेखा जोखा नहीं मऊगंज जिले का पूरा क्षेत्र किसानी पर आधारित है यहां की दिनचर्या बच्चों की पढ़ाई शादी विवाह घर जमीन खरीदी अन्य व्यापार सब किसानी पर ही आधारित है इसके बावजूद कृषि विभाग के अधिकारी कभी जमीनी हकीकत समझने किसानों तक नहीं पहुंचे
कई वर्षों से किसानों के हित के लिए बैठक सेमिनार जागरूकता कार्यक्रम नहीं किया गया ना ही खेती के संबंध में किसानों से कोई राय ली जाती जिला मुख्यालय के बावजूद अधिकारी रीवा में निवास करते हैं
श्यामा चरण शुक्ला जिला अध्यक्ष मजदूर किसान संघ
सरकार द्वारा दिया गया किसानों का बीज गोलमाल किया जाता है कोई भी जानकारी व योजनाएं किसानों तक नहीं पहुंचाई जाती कैसे किसान समृद्धि साली होगा
मृत्युंजय चतुर्वेदी
पूर्व समिति अध्यक्ष बरहटा
कई वर्षों से बना मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का ताला नहीं खुला कृषि विभाग और जिला प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है मिट्टी परीक्षण के संबंध में किसानों को जानकारी नहीं मिल पा रही
ज्ञानेंद्र सिंह परिहार
कृषक ग्राम बेलहा
मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला न खुलने से किसानों को कौन से सीजन में कौन सी फसल और किस मिट्टी में बोनी करनी है इसकी जानकारी नहीं मिल पाती
संतोष सिंह
कृषक ग्राम रकरी
