नई दिल्ली:– ITR फाइलिंग का समय है और इसी का फायदा उठाकर साइबर ठग एक्टिव हो गए हैं। वे ‘इनकम टैक्स रिफंड मैनुअल वेरिफिकेशन स्कैम’ के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नाम पर फर्जी ईमेल भेज रहे हैं, जिनमें लिखा होता है कि ‘आपका टैक्स रिफंड प्रोसेस हो रहा है, लेकिन इसके लिए मैनुअल वेरिफिकेशन जरूरी है।’
इस मेल के साथ एक लिंक अटैच होता है। जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं, आपकी पर्सनल जानकारी खतरे में पड़ जाती है। PIB ने ऐसे ईमेल को फेक बताया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
तो चलिए, साइबर लिटरेसी के इस कॉलम में आज बात करेंगे कि इनकम टैक्स रिफंड स्कैम क्या है?
इससे बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखें?
एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस
सवाल- इनकम टैक्स रिफंड मैनुअल वेरिफिकेशन स्कैम क्या है?
जवाब- यह ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक तरीका है। इसमें साइबर ठग लोगों को इनकम टैक्स विभाग की फेक ईमेल बनाकर मेल भेजते हैं। मेल में लिखा होता है कि ‘आपका टैक्स रिफंड आना है, लेकिन पहले मैनुअल वेरिफिकेशन करना जरूरी है।’ इस बहाने वे लिंक भेजते हैं और बैंक डिटेल, पैन नंबर, पासवर्ड जैसी निजी जानकारी मांगते हैं। इसका मकसद आपकी जानकारी चुराकर पैसे निकालना या पहचान का गलत इस्तेमाल करना होता है।
सवाल- असली और फेक इनकम टैक्स रिफंड ईमेल की पहचान कैसे कर सकते हैं?
जवाब- साइबर ठग ऐसे फेक ईमेल तैयार करते हैं, जो देखने में बिल्कुल असली लगते हैं। इसके लिए वे इनकम टैक्स विभाग के असली ईमेल जैसा ही फॉर्मेट, लोगो और भाषा कॉपी करते हैं, लेकिन मेल एड्रेस में हल्का सा बदलाव (जैसे एक-दो अक्षरों का हेरफेर) कर देते हैं। इनका असली मकसद आपको भरोसे में लेकर आपकी पर्सनल और फाइनेंशियल जानकारी चुराना होता है।
