
रायपुर। बदलते समय के साथ फोन और तकनीक आधुनिक होने लगे है। ऐसे में फोन के भीतर के डाटा को सुरक्षित रखना भी लोगों के लिए चुनौति बन चुकी है। साइबर एक्सपर्ट का कहना है, एंड्रॉइड फोन के लिए खतरनाक वायरस का पता चला है। सिक्योरिटी रिसर्च के मुताबिक यह वायरस यूजर्स के वॉयस रिकॉर्ड कर सकता है। साथ ही लोकेशन को भी ट्रैक कर लेता है। रिसर्चर्स के अनुसार जिस डिवाइस में मेलवेयर का पता चला है। उसमें यूजर की जानकारी के बिना बैकग्राउंड में कई एक्टिविटी करता है। दावा किया जा रहा है कि पहले इस मेलवेयर रूसी हैकर्स की टीम Turla ने इस्तेमाल किया था।
एंड्रॉइड यूजर्स तक वायरस APK फाइल्स के जरिए भेजा जाता है। स्मार्टफोन में APK इंस्टॉल होने के बाद वायरस स्पाईवेयर की तरह काम करता है। यह लोगों की जानकारी के बिना बैकग्राउंड में परफॉर्म करता है।