Mumbai : महाराष्ट्र में सियासी भूचाल के बाद देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र सरकार में श्यामिल हो कर डिप्टी सीएम के पद की शपथ ग्रहण की है। कल सुप्रीम कोर्ट के फ्लोर टेस्ट आदेश के बाद ही उद्धव ठाकरे ने सीएम पद से फेसबुक लाइव आकर एलान कर दिया था। जिसके बाद आज एकनाथ शिंदे ने सीएम पद का पदभार ग्रहण किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देवेंद्र फडणवीस के महाराष्ट्र में शामिल होके डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने पर ट्वीट किया है। उन्होंने टिवट कर कहा कि भाजपा अध्यक्ष श्री @JPNadda जी के कहने पर श्री @Dev_Fadnavis जी ने बड़ा मन दिखाते हुए महाराष्ट्र राज्य और जनता के हित में सरकार में शामिल होने का निर्णय लिया है।
यह निर्णय महाराष्ट्र के प्रति उनकी सच्ची निष्ठा व सेवाभाव का परिचायक है। इसके लिए मैं उन्होंने हृदय से बधाई देता हूँ।10 दिनों तक चले इस महाराष्ट्र संकट में देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली के कई चक्कर लगाए, जिससे उन्हें भरोषा था की वह केंद्रीय शीर्ष नेताओं को खुश कर लेगे। वह खुद भी कुश थे कि महाराष्ट्र के फिर से वो मुख्यमंत्री बनेगे। फ्लोर टेस्ट के बाडी से यही बातें सामने आ रही थी कि देवेंद्र फडणवीस ही मुख्यमंत्री के एक बार फिर से सीएम पद पर बैठेंगे। जानकारों की मानें तो यह बात भावी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को भी नहीं मालूम थी। आज सीएम पद पर एकनाथ शिंदे के शपथ लेने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने भी महाराष्ट्र सरकार में शामिल होकर डिप्टी सीएम की पद की शपथ ली। यह फैसला उन्होंने भाजपा के जेपी नड्डा के कहने पर लिया है। जिसपर उन्होंने ट्वीट कर आभार भी व्यक्त किया।लेकिन सीएम की खुर्सी से दूरी पाए जाने पर देवेंद्र फडणवीस पर नाराज़ नजर आए, जो उनके ट्वीट से समझा जा सकता है।
देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर लिखा – प्रामाणिक कार्यकर्ता के नाते पार्टी के आदेश का मैं पालन करता हूँ. जिस पार्टी ने मुझे सर्वोच्च पद तक पहुँचाया, उसका आदेश मेरे लिए सर्वोपरि है. “एक प्रामाणिक कार्यकर्ता म्हणून पक्षाच्या आदेशाचे मी पालन करतो. ज्या पक्षाने मला सर्वोच्च पद दिले, त्या पक्षाचा आदेश मला शिरोधार्य आहे.” उन्होंने साफ़ कहा है कि वह पार्टी के आदेशों का पालन करते हुए डिप्टी सीएम के पद की शपथ ली है। वहीं पिछले 10 दिनों में भूचाल के बीच केंद्रीय मंत्रियों से दौरा यह भी जताता है की वह सीएम पद पर अपनी नजर बनाये हुए थे, और वह चाहते थे की वह फिर से सीएम पद पद बैठे, मगर ऐसा ना होने वह ना खुश नज़र आये।अब राजनीती अनुसार कयास लगाए जा रहे है कि इसको लेकर कही न कही भाजपा में भी बगावत शुरू हो सकती है। सबसे बडी पार्टी एक 50 विधायकों के समर्थन करने वाली बागी गुट को जो बिना किसी नाम के है उसका समर्थन कर रही है। लेकिन शपथ विधि समारोह में उन्होंने उपमुख्यमंत्री की शपथ लेकर सबको चौका दिया फिर से!!!
कृपा शंकर सिंह भाजपा नेता जो हाल में ही कांग्रेस को जय महाराष्ट्र कहकर भाजपा में शामिल हुए है उन्हें शीर्ष नेताओं के द्वारा इस फैसले पर निराशा हुई है है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा महाराष्ट्र कोर कमेटी मीटिंग तक कुछ भी नहीं था देवेंद्र फडणवीस के नाम की ही चर्चा थी कि वो मुख्यमंत्री बनेगे। लेकिन शीर्ष नेताओं के फैसले के सामने कुछ भी कहना सही बात नहीं है पार्टी के शीर्ष नेताओं ने जो फैसला लिया है शायद वो पार्टी हित में हो आगे तक की सोच के साथ लिया होगा। उनको यह बीजेपी की रणनीति से निराशा यानी उत्तर भारतीय वोट बैंक पर बीजेपी से महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तर भारतीयों को निराशा कर दिया है।