स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल क्रांति, मरीजों का रखा जा रहा हेल्थ रिकॉर्ड, देश के किसी भी कोने में इलाज संभव
रायपुर :- छत्तीसगढ़ में अब मरीजों का डिजिटल डाटाबेस तैयार हो रहा है. जिसका फायदा उन मरीजों को मिल रहा है जो दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं.खासकर बस्तर जैसे इलाके के मरीज अब सरकारी अस्पतालों में डिजिटल सुविधाओं का फायदा ले रहे हैं.जिसके कारण उन्हें लंबी लाइनों से छुटकारा मिलता है.साथ ही साथ यदि वो बस्तर के बाहर जाकर इलाज कराना चाहते हैं तो रिकॉर्ड ऑनलाइन होने के कारण दूसरे अस्पतालों को भी मरीज की हिस्ट्री मिल जा रही है. जिससे मरीज की बीमारी और पुराने इलाज के बारे में जानकारी इकट्ठा करने में मदद मिलती है.
डिजिटली उपलब्ध मरीज से जुड़ी हर जानकारी : बस्तर के छ: जिला चिकित्सालय, दो सिविल अस्पताल और 41 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नेक्स्ट जेन ई-हॉस्पिटल प्रणाली काम कर रही है.जिसके तहत ओपीडी रजिस्ट्रेशन , परामर्श, जांच, दवा वितरण और मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां एक ही जगह उपलब्ध हैं. जानकारी डिजिटल होने के कारण मरीजों के बारे में पता लगाने और इलाज करने में काफी मदद हो रही है.
आभा अकाउंट बनाने की सुविधा: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत अस्पतालों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्रेशन और डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित की गई है. हॉस्पिटल्स में आभा कियोस्क स्थापित कर मरीजों को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट बनाने की सुविधा दी जा रही है. स्कैन एंड शेयर एवं आभा आईडी के माध्यम से ऑनलाइन ओपीडी पंजीयन की सुविधा से मरीजों का समय बच रहा है.