नई दिल्ली: – असम में पंचायत चुनाव में अब कुछ ही हफ्ते बचे हैं. इस बीच, कांग्रेस के भीतर अंदरूनी कलह सामने आई है. असम कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का एक वर्ग राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है और इसको लेकर नई दिल्ली में अभियान चलाया जा रहा है.
धुबरी लोकसभा क्षेत्र से सांसद रकीबुल हुसैन, विधायक वाजिद अली चौधरी, आफताबुद्दीन मुल्ला, खलीलुर रहमान, रकीब खान, अब्दुल खांडेकर समेत राज्य के अन्य असंतुष्ट कांग्रेस नेता नेतृत्व परिवर्तन की मांग को लेकर नई दिल्ली में मौजूद हैं.
असम कांग्रेस के सूत्रों ने सोमवार को को बताया कि प्रदेश कांग्रेस समिति के कम से कम नौ वरिष्ठ नेता मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष भूपेन बोरा को हटाने की मांग को लेकर नई दिल्ली में खुलेआम अभियान चला रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, असंतुष्ट नेता चाहते हैं कि लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता और जोरहाट क्षेत्र से मौजूदा सांसद गौरव गोगोई को असम कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया जाए.
असम कांग्रेस के नेता वाजिद अली चौधरी ने ईटीवी भारत को बताया कि वो असम कांग्रेस में खाली पड़े कई पदों को भरने के लिए नई दिल्ली में अभियान चला रहे हैं. नेतृत्व में बदलाव की उनकी मांग के बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने कहा कि इसका निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लेगा. चौधरी ने कहा, “असम कांग्रेस में कई पद खाली हैं. हम इस संबंध में राहुल गांधी सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से मिलना चाहते थे.
चौधरी के अनुसार असम कांग्रेस में उपनेता, सचिव सहित कई महत्वपूर्ण पद खाली हैं. उन्होंने कहा, “हमने मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मिलने की कोशिश की, लेकिन हमें उनसे समय नहीं मिला. हमने असम के कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र चौधरी को अपनी मांग सौंपी है.” असम कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के संबंध में चौधरी ने कहा, हम आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे.
भूपेन बोरा का टिप्पणी करने से इनकार
असम कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन बोरा ने नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
हालांकि, उन्होंने कहा कि कांग्रेस निश्चित रूप से पंचायत चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेगी. बोरा ने से कहा, “हम निश्चित रूप से चुनाव जीतेंगे. मुझे विश्वास है कि कांग्रेस को पंचायत चुनाव में 1.80 करोड़ से अधिक वोट मिलेंगे.
हाल ही में, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व और असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जिला समिति के अध्यक्षों के बीच नई दिल्ली में मंथन बैठक हुई, जिसमें पंचायत चुनाव से पहले पार्टी की रणनीति पर विस्तृत चर्चा हुई.
पंचायत चुनाव में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद
आगामी पंचायत चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन और संभावना के बारे में पूछे जाने पर वाजिद अली चौधरी ने कहा कि उनकी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी. उन्होंने कहा, पंचायत चुनाव अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हमारे लिए महत्वपूर्ण अवसर है. हम पंचायत चुनाव में अच्छा प्रदर्शन करेंगे. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने हमें जरूरत पड़ने पर अन्य दलों के साथ स्थानीय स्तर पर समझौता करने की भी आजादी दी है.
असम राज्य चुनाव आयोग ने 27 जिलों में दो चरणों में पंचायत चुनाव कराने की घोषणा की है. 2 मई को पहले चरण में 14 जिलों में पंचायत चुनाव कराए जाएंगे. दूसरे चरण में 7 मई को धुबरी, कामरूप और नगांव समेत 13 जिलों में वोटिंग होगी. दोनों चरणों में कुल 25,007 मतदान केंद्रों पर करीब 1.90 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे. उम्मीदवारों के लिए नामांकन प्रक्रिया 3 अप्रैल से 11 अप्रैल तक चलेगी. 12 अप्रैल को नामांकन की जांच होगी और 17 अप्रैल तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे. मतगणना 11 मई को होगी.
एपीसीसी अध्यक्ष भूपेन बोरा के नेतृत्व में, जिला कांग्रेस समितियों के अध्यक्षों ने कांग्रेस के नवनिर्मित मुख्यालय इंदिरा भवन में हुई बैठक के दौरान पंचायत चुनाव के संबंध में अपने विचार सबके सामने रखे. इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, “बैठक के दौरान केंद्रीय नेतृत्व ने जिला कांग्रेस इकाई के अध्यक्षों से जिला स्तर पर कांग्रेस संगठन को मजबूत करने को कहा.” सूत्रों के अनुसार, असम में पंचायत चुनाव के लिए टिकट वितरण और उम्मीदवार चयन जैसे मुद्दों पर भी बैठक के दौरान पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ चर्चा हुई.