नई दिल्ली:- सूर्य, ग्रहों के राजा और सिंह राशि के स्वामी, रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं, जिसके साथ ही नौतपा 2025 का आरंभ हो गया है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो सूर्य की किरणें पृथ्वी पर सीधी पड़ती हैं. इसका प्रभाव न केवल मौसम पर पड़ता है, बल्कि मानव शरीर, स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर भी गहरा असर होता है. सूर्य इस नक्षत्र में 15 दिन तक रहेंगे, लेकिन शुरुआती 9 दिनों को नौतपा कहा जाता है. ज्योतिष शास्त्र में नौतपा के दौरान कुछ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि इनसे न केवल स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, बल्कि ग्रहों के अशुभ प्रभाव का भी सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं वैदिक ज्योतिष और वास्तु एक्सपर्ट आदित्य झा से कि नौतपा के इन 9 दिनों में भूलकर भी क्या काम नहीं करने चाहिए:
नौतपा 2025: भूलकर भी न करें ये काम
यात्रा से बचें: नौतपा के दौरान गर्मी अधिक होती है, इसलिए इन 9 दिनों में अधिक यात्रा करने से बचें. यदि अत्यंत आवश्यक हो, तो ही घर से निकलें और अपने साथ पानी की बोतल और सिर ढकने के लिए कपड़ा अवश्य रखें. बाहर निकलने से डिहाइड्रेशन, लू लगना और सनबर्न का खतरा बना रहता है.
गरम भोजन से परहेज: नौतपा के दौरान ज्यादा तेल-मसाले, गरम भोजन या तली-भुनी चीजों के सेवन से बचें. ऐसा करना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. इन 9 दिनों में पाचन तंत्र कमजोर रहता है और पित्त दोष बढ़ा हुआ रहता है. भारी, मसालेदार भोजन से गैस, एसिडिटी, सिरदर्द, उल्टी-दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
मांस-मदिरा और तेल मालिश से दूरी: नौतपा के दौरान मांस-मदिरा और बैंगन का सेवन करने से बचें. साथ ही, इन 9 दिनों में तेल से सिर की मालिश या धूप में तेल लगाकर न निकलें. ऐसा करने से शरीर की गर्मी और बढ़ जाती है, जिससे सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
शुभ कार्यों से बचें: नौतपा के दौरान आंधी, तूफान और लू की संभावना बहुत अधिक रहती है, इसलिए इन 9 दिनों में शादी, मुंडन आदि शुभ व मांगलिक कार्यों को करने से बचें. साथ ही, क्रोध और मानसिक तनाव से भी बचें, क्योंकि इस समय अधिक तनाव लेने से ब्लड प्रेशर और हृदय संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.
ठंडी चीजों का अत्यधिक सेवन न करें: नौतपा के दौरान गर्मी अधिक पड़ने पर ज्यादातर लोग ठंडी चीजों जैसे बर्फ का पानी, आइसक्रीम, ठंडा दूध आदि का अत्यधिक सेवन करते हैं, जो कि गलत है. बहुत ठंडी चीजों का अत्यधिक सेवन करने से पाचन क्रिया और गले पर विपरीत असर पड़ता है.
हवन-यज्ञ से परहेज: नौतपा के दौरान हवन, यज्ञ या भारी पूजा-पाठ दिन में न करें. दिन के समय हवन-यज्ञ करने से और अधिक ताप पैदा होता है, जो शरीर और मन के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. इसलिए इन 9 दिनों में ध्यान व जप करना बेहद उत्तम माना गया है.
नौतपा 2025: क्या करें
गर्मी के इस प्रचंड दौर में खुद को स्वस्थ और शांत रखने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं.
शीतलता बनाए रखें
जल का अधिक सेवन करें.
नींबू पानी, बेल का शर्बत, सत्तू आदि का सेवन लाभकारी है.
शरीर और मन को ठंडा रखने वाले आहार अपनाएं (यह आयुर्वेद और तांत्रिक ग्रंथों में भी सुझाया गया है).
सूर्य की शांति के लिए उपाय
सूर्य अर्घ्य दें: प्रातः तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पण करें.
सूर्य मंत्र का जाप करें: ॐ घृणि सूर्याय नमः – प्रतिदिन 108 बार.
धार्मिक कार्य करें
पवित्र नदियों में स्नान, हवन, सूर्य यज्ञ आदि करें.
पितरों के निमित्त जलदान और तर्पण करें.
दान करें
लाल वस्त्र, गेहूं, गुड़, तांबा आदि का दान करें.
कुष्ठ रोगियों को सहायता दें, यह ग्रह पीड़ा कम करता है.