आज होलिका दहन है और कल का दिन रंग वाली होली होगी। मान्यता है कि होलिका दहन के दिन शरीर पर उबटन लगाकर उसके अंश को होलिका में डालने से दरिद्रता दूर होती है। इसके साथ ही घर में सुख-समृद्धि व खुशियों का वास होता है। हालांकि होलिका दहन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न आए।
होलिका दहन में इन बातों का रखें ध्यान-
- होलिका दहन हमेशा शुभ मुहूर्त में करना चाहिए।
- होलिका दहन पूर्णिमा के अंतिम भाग में यानी भद्रा रहित मुहूर्त में किया जाना चाहिए।
- होलिका दहन स्थान को गंगाजल से शुद्ध करना चाहिए।
- होलिका डंडा बीच में रखें और इसके चारों ओर उपले, सूखी लकड़ी, सूखी घास आदि रखें। तब अग्नि जलाकर होलिका दहन करें।
होलिका पूजन में इन बातों का रखें ध्यान-
- होलिका दहन से पहले पूजन करना चाहिए।
- पूजा में दीपक, धूप, माला, चावल, गन्ना, कच्चा सूत, पानी का लोटा और पापड़ शामिल करना चाहिए।
- पूजा में हनुमान जी और शीतला माता को प्रणाम करें।
- होलिका दहन की अगली सुबह होलिका दहन के स्थान पर ठंडा पानी डालना चाहिए।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, होलिका दहन की पूजा का शुभ मुहूर्त रात 9 बजकर 20 मिनट से 10 बजकर 31 मिनट तक रहेगा, क्योंकि यह समय भद्रा रहित होगा।