नई दिल्ली : एलर्जी होना शरीर की सामान्य प्रतिक्रिया है, जो सामान्यतौर पर पर्यावरण में मौजूद पदार्थों के प्रति होती है। एलर्जी की प्रतिक्रिया कई अन्य वजहों जैसे मौसम में बदलाव, परागकण, पालतू जानवरों के रोए या फिर भोजन के कारण भी हो सकती है। एलर्जी की दिक्कत किसी को भी किसी पदार्थ से हो सकती है, इसके लक्षण आसानी से ठीक भी हो जाते हैं पर अगर आपको अक्सर ही एलर्जी बनी रहती है तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। एलर्जी के लक्षणों और इसके कारकों की पहचान जरूरी है ताकि इससे बचाव के लिए पर्याप्त उपाय किए जा सकें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, जब हमें किसी प्रकार की एलर्जी होती है तो प्रतिरक्षा प्रणाली एंटीबॉडी बनाती है। यही कारण है एलर्जेन के संपर्क में आने के कारण प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया की वजह से त्वचा, साइनस, वायुमार्ग या पाचन तंत्र में सूजन आ सकती है। एलर्जी की गंभीरता हर व्यक्ति में अलग-अलग होती, कुछ स्थितियों में इसके गंभीर रूप लेने का भी खतरा रहता है जिसका समय रहते उचित उपचार किया जाना चाहिए।
आइए जानते हैं कि किन लक्षणों की मदद से पहचाना जा सकता है कि कहीं आप भी तो एलर्जी की दिक्कत नहीं हैं?
नाक बहने या फिर अक्सर बंद नाक की दिक्कत
यदि बाहर घूमने जाते हैं और कुछ ही समय में नाक बहने या नाक में जमाव की दिकक्त हो जाती है तो यह एलर्जिक राइनाइटिस की समस्या हो सकती है। आप जिस हवा में सांस लेते हैं उसमें मौजूद छोटे कणों के प्रति यह एक प्रतिक्रिया है। फफूंद बीजाणु, परागकण, डिटर्जेंट और क्लींजर के कारण होने वाली एलर्जी में आपको नाक बहने या बंद होने की समस्या होती है।
नाक बहने की समस्या को गंभीर संकेत नहीं माना जाता है पर अगर आपको अक्सर ही इस तरह की प्रतिक्रिया होती रहती है तो इसके कारकों की पहचान और उससे बचाव के उपाय करना जरूरी हो जाता है।
बार-बार छींक आना
एक-दो बार छींक आना सामान्य है लेकिन अगर आपको बार-बार छींक आ रही है तो यह किसी गंभीर एलर्जी का प्रारंभिक संकेत हो सकता है। कुछ लोगों को भोजन के कारण भी छींक आने की दिक्कत होती है। इसे साइनस के कारण भी होने वाली समस्या भी माना जाता है। यदि आपको अधिक और बार-बार इस तरह की प्रतिक्रिया होती रहती है तो इसका समय रहते उपचार किया जाना आवश्यक हो जाता है।
आंखों में दिखने वाले लक्षण
आंखों में दर्द-खुजली, लालिमा या चुभन होने की समस्या कई कारणों से हो सकती है, ज्यादातर स्थितियों में इसे एलर्जिक प्रतिक्रिया के रूप में जाना जाता है। धूप, धूल या फिर हानिकारक तत्वों के कारण आंखों में खुजली या लालिमा होना भी एलर्जिक प्रतिक्रिया का ही संकेत है। वसंत ऋतु में परागकणों के प्रति प्रतिक्रिया हो सकती है। आंखों के इन लक्षणों पर समय रहते गंभीरता से ध्यान दिया जाना जरूरी है क्योंकि आंखों में खुजली होने और इसे रगड़ने के कारण अंदरूनी मांसपेशियों और सूक्ष्म तंत्रिकाओं को क्षति होने का खतरा रहा सकता है।
त्वचा पर दिखने वाले लक्षण
एलर्जी की स्थति में त्वचा पर इसके लक्षण अधिक स्पष्ट दिखाई देते हैं। इसमें त्वचा पर लाल, खुजलीदार दाने हो सकते हैं। इस तरह की एलर्जिक प्रतिक्रिया के कई कारण जैसे दवाओं या रसायनों से एलर्जी या फिर वातावरण में मौजूद तत्वों हो सकते हैं। एलर्जी के कारण चकत्ते, खुजली होने, दर्द होने या त्वचा पर छाले की समस्या हो सकती है। त्वचा की इन प्रतिक्रियाओं पर गंभीरता से ध्यान देना और बचाव करते रहना जरूरी है।
