नई दिल्ली:- हिन्दू धर्म में दीपक जलाने का बहुत महत्व है। पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों के अलावा कई तीज-त्योहार पर भी घर में दीपक जलाया जाता है। दीपक को सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। वहीं, आपने अपने आसपास ऐसे कई लोगों को देखा होगा, जो शाम के समय घर के दरवाजे पर दीपक जलाते हैं। अगर आप भी घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाते हैं, तो आपको इस बात का महत्व भी पता होना चाहिए। आइए, जानते हैं घर के मुख्य द्वार दीपक जलाने के नियम और महत्व क्या है।
घर के मुख्य द्वार पर दीपक क्यों जलाया जाता है
घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता का वास होता है। घर में नकारात्मक ऊर्जा रहने से घर में हमेशा तनाव, झगड़े जैसा माहौल बना रहता है।
सुख-शांति नहीं होती या फिर घर के सदस्य हमेशा बीमार पड़ते रहते हैं। आपके घर में अगर आर्थिक तंगी है, तो आपको दीपक जरूर जलाना चाहिए। इससे आर्थिक तंगी दूर होती है और कर्ज से भी मुक्ति मिलती है।
माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने से मिलते हैं ये फल
कई बार वास्तुदोष होने से भी घर में सुख-शांति नहीं रहती या फिर मानसिक तनाव की स्थिति देखने को मिलती है। घर से वास्तुदोष को दूर करने के लिए घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना चाहिए।
माता देवी को केवल धन की देवी ही नहीं माना जाता बल्कि उन्हें यौवन, भाग्य, वैभव, राजसी सत्ता की देवी भी माना जाता है, इसलिए अपने जीवन में इन सभी चीजों की प्राप्ति के लिए घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है।
कितने बजे जलाना चाहिए दीया
कई लोग इस बात को लेकर भी दुविधा में पड़ जाते हैं कि उन्हें शाम को कितने बजे दीपक जलाना चाहिए? इसका जवाब है कि शाम के समय 5 बजे से लेकर 8 बजे के बीच दीपक जला सकते हैं। आप घर के मुख्य द्वार पर दीपक रख सकते हैं या फिर घर के बाहर बने चबूतरे पर भी दीपक रखा जा सकता है। दीपक जलाते समय दिशा का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आपको कोशिश करनी चाहिए कि दीपक को हमेशा दाएं हाथ की तरफ ही जलाएं। इसके अलावा अगर आपके घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा की ओर है, तो इस दिशा में ही दीपक जलाएं। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
