नई दिल्ली:– पुराने समय में लोग टिटहरी पक्षी के अंडों की संख्या और घोंसले की बनावट के आधार पर आगामी दिनों के मौसम का अनुमान लगाते थे. आज भी गांवों में किसान इस पक्षी के घोंसले और अंडों की संख्या को देखकर बारिश कैसी होगी और आगामी दिनों में मौसम कैसा रहेगा, इसका अनुमान लगाते हैं. लोकमान्यता के अनुसार, टिटहरी द्वारा अंडे देना बारिश के लिहाज से शुभ संकेत माना जाता है.
ऐसे लगाते हैं मौसम का अनुमान
पुराने लोगों और किसानों के अनुसार, टिटहरी पक्षी जितने अंडे देती है, उतने ही महीने बारिश होती है. इसके अलावा अगर टिटहरी ऊंचाई या खेत की मेढ़ पर अंडे देती है, तो ज्यादा बारिश होने की संभावना रहती है. यदि वह उसके अंडों के मुंह जमीन की ओर हो, तो मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई जाती है. इसके अलावा वह समतल जमीन पर अंडे रखते हैं, तो औसत और किसी गड्ढे में अंडे दिखे, तो सूखा पड़ने की भविष्यवाणी कर दी जाती है.
सीकर में टिटहरी ने दिए चार अंडे सीकर में इस बार अच्छी बारिश के आसार हैं. टिटहरी पक्षी की भविष्यवाणी के अनुसार भी सीकर में अच्छी बारिश होगी. सीकर के दांता के खेल मैदान में टिटहरी ने समतल जमीन से थोड़ी ऊंचाई कर चार अंडे दिए हैं. ऐसे में किसान और बुजुर्ग चार महीने बारिश होने की भविष्यवाणी कर रहे हैं. इसके अलावा अंडों की स्थिति के अनुसार इस बार मूसलाधार बारिश होगी
बुजुर्गों ने बताया कि अगर टिटहरी पक्षी जून तक अंडे देती, तो पूर्वानुमान में की गई भविष्यवाणी सटीक रहती. अभी अंडे देने की शुरूआत है, यह प्रक्रिया जून तक चलेगी. टिटहरी द्वारा इस बार जल्द अंडे देने का मतलब है, समय पूर्व मानसून की संभावना है. इस बार समय से पहले मई महीने में ही टिटहरी के द्वारा दिए चार अंडों से लगता है, इस बार चार महीने अच्छी बारिश होगी.
