अनियमित दिनचर्या के कारण अधिकांश लोगों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या देखने में आती है। जब हम lipid profile test कराते हैं तो इसमें ट्राइग्लिसराइड्स भी बढ़ा हुआ दिखाई देता है और इसका बढ़ना हार्ट के लिए ज्यादा घातक होता है। दूध पीना स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है, लेकिन समय-समय पर नई रिसर्च में दूध के स्वास्थ्य पर असर को लेकर भी नए नए दावे किए जाते हैं, ऐसे में लोगों के मन में यह आशंका पैदा हो जाती है कि आखिर सच में क्या दूध पीने से कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड बढ़ता है, जिससे हार्ट अटैक आने का खतरा बढ़ जाता है। आइए यहां जानें क्या है सच्चाई – (High Cholesterol)
जानें क्या होता है
दरअसल High Cholesterol सिर्फ वसा नहीं है, बल्कि यह एक स्टेरोल है, जिसमें एक प्रकार का लिपिड होता है, जिसमें वसा और प्रोटीन दोनों ही होते हैं। जब वसा और प्रोटीन मिल जाते हैं तो यह एक चिपचिपे मोम जैसा बन जाता है। इसी मोम जैसे पदार्थ को कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है और जब इसकी मात्रा खून में बढ़ जाती है तो रक्त प्रवाह में काफी बाधा आती है और धमनियों में जमने के कारण ब्लॉकेज के समस्या पैदा करता है। (High Cholesterol)
दूध से नहीं बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल लेवल
इंटरनेशनल जर्नल ऑफ ओबेसिटी में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक दूध पीने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर कोई खास असर नहीं पड़ता है। लेकिन यदि आप दूध से निर्मित अन्य प्रोडक्ट जैसे घी, चीज, मावा आदि का सेवन ज्यादा करते हैं तो कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड का लेवल बढ़ सकता है। दरअसल 250 मिली दूध में 8 ग्राम वसा होता है, लेकिन दूध में वसा के अलावा अन्य पोषक तत्व भी होते हैं, जिसकी शरीर को आवश्यकता होती है। कैल्शियम से भरपूर दूध हड्डियों को मजबूत बनाने और बुढ़ापे में ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करने में मदद करता है। (High Cholesterol)
कोलेस्ट्रॉल से रहता है खतरा, बदले जीवनशैली
यदि आपको भी उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या है या ट्राइग्लिसराइड बढ़ा हुआ है तो तत्काल अपनी जीवनशैली में बदलाव की जरूरत है क्योंकि दिनचर्या में बदलाव के जरिए ही कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल व ट्राइग्लिसराइड को लेकर कई तरह की मिथक भी हैं। आमतौर पर माना जाता है कि डेयरी प्रोडक्ट में वसा ज्यादा होती है।