कार्तिक माह की शुरुआत हो गई है. इस महीने तुलसी जी की पूजा विशेष रूप से की जाती है. ऐसी मान्यता है कि भगवान विष्णु को तुलसी जी बहुत प्रिय हैं. इसलिए उन्होंने शालीग्राम स्वरूप में तुलसी जी से अपना विवाह कार्तिक माह की एकादशी के दिन किया था. कार्तिक माह के शुरुआत होते तुलसी जी की पूजा शुरू कर दी जाती है. आइए जानते हैं कार्तिक माह में कैसे करें तुलसी जी की पूजा और किन बातों का रखें ध्यान?
कार्तिक मास के महीने में तुलसी का महत्व
तुलसी का पौधा किसी भी बृहस्पतिवार को लगा सकते हैं, हालांकि कार्तिक का महीना इसके लिए सर्वोत्तम है. कार्तिक के महीने में तुलसी के पौधे की पूजा और तुलसी विवाह सारी मनोकामनाओं को पूर्ण कर देता है. तुलसी का पौधा घर या आगन के बीचों बीच लगाना चाहिए या अपने शयन कक्ष के पास की बालकनी में लगा सकते हैं. प्रातःकाल तुलसी के पौधे में जल डालकर, इसकी परिक्रमा करनी चाहिए.
तुलसी पूजा की सावधानियां
तुलसी के पत्ते हमेशा प्रातः काल ही तोड़ने चाहिए. अन्य समय पर नहीं तोड़ने चाहिए. रविवार के दिन तुलसी के नीचे दीपक नहीं जलाने चाहिए. भगवान विष्णु और इनके अवतारों को तुलसी दल जरूर अर्पित करें. भूलकर भी भगवान गणेश और मां दुर्गा को तुलसी अर्पित न करें. तुलसी के पत्ते कभी बासी नहीं होते हैं. पुराने पत्तों को पूजा में प्रयोग किया जा सकता है.