कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में रॉबर्ट वाड्रा को मिली अग्रिम जमानत को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने कोर्ट में रॉबर्ट वाड्रा द्वारा जमानत की शर्तों का पालन न करने का दावा किया है. ED के वकील ने कहा कि वह जमानत शर्तों के उल्लंघन मामले में कोर्ट में अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करेंगे.
इस मामले में अब दिल्ली हाई कोर्ट में सितंबर में सुनवाई होगी.दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट 1 अप्रैल, 2019 को ट्रायल कोर्ट द्वारा रॉबर्ट वाड्रा को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली ED की याचिका पर सुनवाई कर रहा था. रॉबर्ट वाड्रा को अग्रिम जमानत देते हुए ट्रायल कोर्ट ने आदेश दिया था कि वह बिना पूर्व अनुमति के देश छोड़ने से बचें. इसके अलावा वाड्रा को जांच अधिकारी द्वारा बुलाए जाने पर जांच में भाग लेने का निर्देश दिया गया था.ED ने पहले हाई कोर्ट से कहा था कि वह वाड्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है और आरोप लगाया था कि मामले में पैसों का लेन-देन सीधे तौर पर वाड्रा से जुड़ा है.
एजेंसी ने यह भी दलील दी कि वाड्रा जांच में सहयोग के लिए आगे नहीं आ रहे हैं. जवाब में, वाड्रा के वकील ने ED के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि रॉबर्ट वाड्रा जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और जब भी जांच एजेंसी ने बुलाया पूछताछ के लिए हाजिर हुए.
ये है रॉबर्ट वाड्रा से जुड़े मनीलॉन्ड्रिंग मामले का पूरा सचसंपत्ति की कीमत तकरीबन 17 करोड़ रुपए हैआपको बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा लंदन में 12, ब्रायनस्टन स्क्वायर पर स्थित एक संपत्ति की खरीद से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहे हैं, जिसकी अनुमानित कीमत तकरीबन 17 करोड़ रुपए है. ED मामले में कई जांच PMLA के अंतर्गत कर रही है.
रॉबर्ट वाड्रा के वकील ने ED की दलील का विरोध करते हुए कहा कि ऐसा कोई एक भी मौका नहीं था जब उन्होंने असहयोग प्रदर्शित किया हो. साथ ही इस बात पर जोर दिया कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ की संभावना शून्य है, क्योंकि ED ने मामले से संबंधित सभी दस्तावेजों को पहले ही जब्त कर लिया है.
