उत्तरकाशी:- चारधाम ऑलवेदर परियोजना की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों की जिंदगी बचाने के लिए बचाव अभियान रहा है। पखवाड़े भर से टनल के अंदर फंसे श्रमिकों का रेस्क्यू जारी है लेकिन ड्रिलिंग के लगातार अवरुद्ध होने से देरी हो रही है। हालांकि मजदूरों का स्वास्थ ठीक है और उन्हें पाइप के जरिए खाना पहुंचाया जा रहा है।
सीवर में काम करने वाले श्रमिकों की ली जा रही मदद
सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियाना जारी है। बचाव अभियान के दौरान मुंबई के सीवर में काम करने वाले श्रमिकों की भी मदद ली जा रही है। बताया जा रहा है कि वे दमघोंटू वातावरण में कार्य करने में अभ्यस्त होते हैं। ऐसे ही श्रमिकों की इस सुरंग में जरूरत है।
मैनुअल ड्रिलिंग के लिए 30 जवान मौके पर मौजूद
भारतीय सेना के कोर ऑफ इंजीनियर्स के एक इंजीनियर समूह को सिल्कयारा सुरंग में मैनुअल ड्रिलिंग के लिए बुलाया गया। बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए इंजीनियर रेजिमेंट के 30 जवान मौके पर मौजूद हैं।
ड्रोन कैमरों से बचाव अभियान की निगरानी
सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है। इसकी निगरानी के लिए विशेषज्ञ ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल कर रहे हैं। सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों को भोजन, दवा समेत सभी जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं। सभी की सुरक्षा के लिए कड़ी सावधानियां बरती जा रही है।
19.2 मीटर की वर्टिकल ड्रिलिंग
उत्तरकाशी सिलक्यारा में सुरंग में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए 19.2 मीटर की वर्टिकल ड्रिलिंग की गई। राष्ट्रीय राजमार्ग और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड एमडी अहमद ने कहा कि लगभग 19.2 मीटर की ड्रिलिंग पूरी कर ली गई है। चार दिनों के भीतर यानी करीब 86 मीटर की ड्रिलिंग करनी है। उम्मीद है आगे कोई समस्या नहीं आएगी और काम समय पर पूरा हो जाएगा।
