रांचीः अगले महीने हिंदू धर्म का सबसे बड़ा त्योहार यानि दिवाली का पर्व मनाया जाएगा। लेकिन दिवाली से पहले सरकारी कर्मचारियों की चांदी हो जाती है। जी हां सरकार दिवाली मनाने के लिए कर्मचारियों को बोनस देती है। इसी बीच खबर आ रही है कि इस बार सरकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सेविकाओं को बोनस देगीं। इस बात का ऐलान खुद प्रदेश के सीएम हेमंत सोरेन ने किया है।
दरअसल शुक्रवार को आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं का दल राज्य सरकार द्वारा चयन एवं मानदेय (अन्य शर्तों सहित ) नियमावली – 2022 को मंजूरी देने के लिए सीएम हेमंत सोरेन का आभार जताने पहुंची थी। इस दौरान हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार उनके सुरक्षित भविष्य के लिए मानदेय एवं सुविधाओं को लेकर आगे भी ठोस निर्णय लेती रहेगी। यह भी कहा कि संसाधन जुटाए जा रहे हैं ताकि सभी सेविका व सहायिका को बोनस दिया जा सके।
मुख्यमंत्री ने सेविका व सहायिका को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी समस्या को लेकर उन्हें काफी पीड़ा होती थी। जब उनकी सरकार बनी यह निर्णय लिया कि आपकी समस्याओं का समाधान होगा। इसी कड़ी में नई मानदेय और सेवा शर्त नियमावली बनाई है ताकि उनकी समस्याओं को दूर कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे कोई दैनिक कर्मी हो या अनुबंध कर्मी या स्थायी कर्मी। जो भी सरकार को अपनी सेवा दे रहे हैं, उन सभी की समस्याओं की चिंता सरकार को है।
कहा, जब से हमारी सरकार आई है तब से सड़कों पर आंदोलन या धरना- प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। इस मौके पर इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री जोबा मांझी, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर तथा विधायक सुखराम उरांव, सुदिव्य कुमार सोनू, भूषण बाड़ा, समीर मोहंती भी उपस्थित थेहेमंत ने कहा कि कम बारिश की वजह से झारखंड में सुखाड़ के हालात पैदा हुए हैं। राज्य सरकार इसे लेकर काफी चिंतित है।
ऐसे में किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों के लिए कई योजनाएं लेकर आ रहे हैं ताकि उन्हें अपने ही गांव-घर में रोजगार मिल सके और उनका पलायन नहीं हो मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं से कहा कि जिस तरह उन्होंने कोरोना काल में जरूरतमंदों को मुफ्त में भोजन कराया था। उसी तरह सुखाड़ से भी निपटने में सरकार को सहयोग करें। उनकी मदद से हम निश्चित तौर पर सुखाड़ से जंग में जीत हासिल करेंगे