
कवर्धा : शहर में हुए सांप्रदायिक विवाद के मामले में शनिवार को दुर्ग जेल से 88 आरोपितों को जमानत पर छोड़ा गया। देर शाम एक संप्रदाय के 58 आरोपित कवर्धा पहुंचे, जिनका भाजपा नेताओं ने जिले में प्रवेश से पहले स्वागत किया। बड़ी संख्या में लोग इन्हें लेने के लिए दुर्ग गए हुए थे। दूसरे पक्ष के भी 30 आरोपित जमानत पर छोड़े गए। ये सभी 10 दिनों से ज्यादा समय से जेल में बंद थे। अब तक दोनों समुदायों के 147 लोगों को जमानत पर छोड़ा जा चुका है। दूसरी ओर साजा और परपोड़ी में भी दुर्ग से रिहा आरोपितों का स्वागत किया गया।
शुक्रवार देर शाम को भाजपा नेता विजय शर्मा, कैलाश चंद्रवंशी, बजरंग दल के नेता राहुल चैरसिया समेत अन्य 3 लोगों ने कोर्ट में सरेंडर किया। इसके बाद इन्हें रात डेढ़ बजे रायपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। इन लोगों ने कोर्ट में जमानत के लिए आवेदन लगाया है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होनी है।

शहर में हाई अलर्ट
इधर शहर के तनाव में कोई सुधार होता दिखाई नहीं दे रहा है। क्योंकि अब दोनां पक्षों के लागों के छूटने के बाद अलर्ट में है। हालांकि पुलिस प्रशासन द्वारा मानीटरिंग किए जाने का दावा किया जाता रहा है। लेकिन अभी भी हालात को देखते हुए स्थिति तनावपूर्ण है। दंगा प्रभावित क्षेत्रों में अभी भी बैरिकेड लगाकर रखे गए हैं। यहां अभी भी पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। सूत्र कहते हैं कि लोगों के जमानत पर छूटने के बाद रैली का आयोजन किए जाने की बात सामने आ रही है। इसे देखते हुए पुलिस लोगों के पीछे-पीछे घर तक पहुंच रही है। बीते दिनों 18 लोगों को छूटने के बाद भाजपा नेताओं ने उनके घर तक पहुंचाया था। तब भी पुलिस फोर्स लगी हुई थी।
हाई कोर्ट के वकीलों ने कहा-घटना के लिए पुलिस व प्रशासन जिम्मेदार
शनिवार को हाईकोर्ट के 12 वकील कवर्धा पहुंचे। वकीलों की टीम ने दोनों पक्षों के पीड़ित लोगों से मुलाकात की। वकीलों की टीम शासन को रिपोर्ट सौंपेगी। वकीलों ने घटना के लिए पुलिस व प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। हाईकोर्ट से पहुंचे वकील नीरज शर्मा, अनुप मजूमदार ने बताया कि कवर्धा जैसे शांत क्षेत्र में जो घटना हुई, वह गलत है। बधाों के विवाद में सभी कूद पड़े। घटना को तत्काल कार्रवाई कर रोका जा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके लिए प्रथम दृष्टया से पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि वकीलों की टीम ने दोनों पक्षों के लोगों से मुलाकात की। वर्तमान में सभी शांत हैं। इस घटना में सबसे ज्यादा नाम आने वाले दुर्गेश देवांगन के स्वजन से भी वकीलों ने मुलाकात की फिर टीम लौट गई।

गृह जिला लौटने पर हिन्दू संगठनों ने किया जोरदार स्वागत
कवर्धा झंडा विवाद के चलते कोरबा जिले से भी कुछ लोग कवर्धा में गिरफ्तार किए गए थे उन्हें भी जमानत पर रिहा कर दिया गया है । जब वे भी अपने गृह जिला कोरबा पहुंचे तो यहां हिंदू संगठनों ने उनका जोरदार स्वागत किया ।