बिहार:- मौजूदा 40 सांसदों में 28 दूसरी बार या उससे अधिक बार सांसद चुने जा चुके हैं। सिर्फ 12 सांसद ही ऐसे हैं, जिन्हें पहली बार सांसद बनने का अवसर मिला। वहीं, 16 सांसदों को राजनीति विरासत में मिली है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में हैट्रिक लगाने वाले बुजुर्ग सांसदों की सूची लंबी है
इन तीन नेता पर भरोसे का समीकरण
गिरिराज सिंह, राधामोहन, रविशंकर प्रसाद एवं राज कुमार सिंह को फिर से टिकट देकर क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता को ही अंतिम आधार माना गया है। रविशंकर प्रसाद की गिनती मौजूदा समय में चुनिंदा
कायस्थ नेता के रूप में होती है। आरा में आरके सिंह ने अपने काम से अपनी एक अलग पहचान बनाई है। यही कारण है कि पार्टी ने उम्र को नजरअंदाज कर इस बार भी इन पर दांव लगाया है। भाजपा के बुजुर्ग नेताओं में रामकृपाल यादव, प्रदीप सिंह, सुशील सिंह, डॉ. संजय जायसवाल, जनार्दन सिंह सिग्रीवाल का नाम भी शामिल है।
जदयू से चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, कौशलेंद्र कुमार, गिरिधारी यादव, अजय कुमार मंडल, आलोक कुमार सुमन, दिनेश चंद्र यादव, दुलालचंद्र गोस्वामी, रामप्रीत मंडल एवं देवेश चंद्र ठाकुर हैं। हम से पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी एवं रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा हैं। जदयू से मात्र दो युवा चेहरे हैं, इनमें वाल्मीकि नगर से सुनील कुमार एवं सिवान से विजयालक्ष्मी देवी का नाम है।
