बीजापुर:- बस्तर संभाग के बीजापुर और दंतेवाड़ा बॉर्डर पर जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. सुबह 7 बजे से जवानों और माओवादियों के बीच रुक रुककर फायरिंग हो रही है. नक्सलियों के TCOC कैंपेन के दौरान ये मुठभेड़ हो रही है.
डीआरजी जवान शहीद, 2 नक्सलियों के शव मिले: बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने बीजापुर दंतेवाड़ा बॉर्डर पर गंगालूर थाना क्षेत्र में मुठभेड़ होने की पुष्टि की है. गंगालूर के एएंड्री जंगलों में जवानों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान के लिए निकली थी. इसी दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई. इलाके में जवानों का सर्चिंग अभियान भी चल रहा है. इस मुठभेड़ में बीजापुर डीआरजी का जवान शहीद हो गया. मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद के साथ दो नक्सलियों के शव भी बरामद किए गए हैं.
टीसीओसी क्या है ?: TCOC यानी टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन हैं. गर्मी के दिनों में बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में माओवादी TCOC कैंपेन चलाते हैं. मार्च से शुरू होकर टीसीओसी जून तक चलता है. इस दौरान माओवादी संगठन सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं. इस दौरान सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही सड़क निर्माण में लगी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश नक्सली करते हैं.
नक्सलियों के टीसीओसी के दौरान बस्तर में बीते सालों में कई बड़ी नक्सली घटनाएं हुई. जिनमें जवानों को काफी नुकसान हुआ.
3 अप्रैल 2021 को सुकमा बीजापुर बॉर्डर पर टेकलगुड़ा में नक्सली घटना में 22 जवान शहीद
21 मार्च 2020 में सुकमा के मीनपा में नक्सली घटना में 17 जवान शहीद
अप्रैल 2017 में सुकमा जिले के बुर्कापाल में नक्सली घटना में 25 जवान शहीद
लेकिन टीसीओसी के दौरान साल 2023 और साल 2024 में जवानों की कड़ी सुरक्षा के कारण नक्सली किसी भी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दे सके, बल्कि इस दौरान नक्सल संगठन को बड़ा नुकसान पहुंचा है.
साल 2024 में सुरक्षाबलों के ऑपरेशन से नक्सलियों को बड़ा नुकसान हुआ है. 2024 में सुरक्षाबलों ने 217 माओवादियों को मार गिराया.
15 अप्रैल 2024 में जवानों ने कांकेर जिले के छोटे बेठिया में एक एनकाउंटर को अंजाम दिया. इस एनकाउंटर में 29 माओवादी मारे गए.
4 अक्टूबर 2024 को नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले के थुलथुली में एनकाउंटर में 38 माओवादियों को जवानों ने मार गिराया.
साल 2023 में नक्सलियों को नुकसान: टीसीओसी के दौरान साल 2023 में 22 मुठभेड़ हुए जिसमें जवानों ने चार हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया. इस साल 150 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया, 78 नक्सलियों ने सरेंडर किया.