भोपाल:- लोकसभा चुनाव 2024 के लिए एक जून को शाम 6:30 तक सांतवें चरण का मतदान खत्म हो जाएगा. इसके बाद देश के तमाम टीवी चैनलों पर एग्जिट पोल जारी कर दिए जाएंगे. देश में हवा किस ओर बह रही है, इसका अनुमान इन एग्जिट पोल्स द्वारा दिए गए नंबरों के औसत से लग जाता है.
साल 2009 से 2019 तक के जो भी एग्जिट पोल रिजल्ट से पहले जारी किए गए थे, उनके औसत नंबरों को देखें तो साफ पता चलता है कि जीतने वाली पार्टी या गठबंधन को एग्जिट पोल में जो औसत नंबर मिले, असली रिजल्ट में उस पार्टी या गठबंधन को लगभग 50 सीटें ज्यादा मिली हैं.
2009 का आंकड़ा
साल 2009 के लोकसभा चुनाव में दो बड़े गठबंधन चुनावी मैदान में थे. United Progressive Alliance UPA और National Democratic Alliance NDA. यूपीए में वो पार्टियां शामिल थीं, जो कांग्रेस पार्टी के साथ थीं. वहीं एनडीए में वो पार्टियां शामिल थीं जो बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही थीं.
2009 के लोकसभा चुनाव में जो एग्जिट पोल जारी किए गए थे, उनमें यूपीए को औसत 195 सीटें दी गई थीं. जबकि, एनडीए को औसत 185 सीटें मिली थीं. वहीं जब चुनाव का रिजल्ट सामने आया तो जीतने वाले गठबंधन यूपीए को 262 सीटें मिलीं और एनडीए को 158 सीटें. इनमें अंतर देखें तो जीतने वाले गठबंधन यानी यूपीए को मिले एग्जिट पोल के नंबर और असली नंबर में लगभग 54 सीटों का अंतर था.
इस चुनाव में Star-Nielsen ने यूपीए को 199 सीटें दी थीं. वहीं NDA को 196. CNN IBN-Dainik Bhaskar ने UPA को 195 सीटें दी थीं, जबकि एनडीए को 175. इंडिया टुडे-सी वोटर ने यूपीए को 195 सीटें दी थीं. वहीं एनडीए को 189 सीटें दी थीं. हेडलाइन्स टुडे की बात करें तो एग्जिट पोल में इसने यूपीए को 191 सीटें दी थीं, जबकि एनडीए को 180 सीटें दी थीं. इन सभी आंकड़ों का जब औसत निकाला गया तो एग्जिट पोल में यूपीए को 195 सीटें मिलीं और एनडीए को 185 सीटें मिलीं. जबकि, असली नतीजों की बात करें तो यूपीए को इस लोकसभा चुनाव में 262 सीटें मिली थीं. वहीं एनडीए को इस चुनाव में 158 सीटें मिली थीं.
2014 का आंकड़ा
साल 2014 में भी यूपीए और एनडीए गठबंधन चुनावी मैदान में थे. इस चुनाव में 2009 के मुकाबले आंकड़े बदल गए थे. मतदान के बाद जब एग्जिट पोल के आंकड़े जारी किए गए तो सब हैरान रह गए. एनडीए गठबंधन को न्यूज 24 चाणक्या ने सबसे ज्यादा 340 सीटें दी थीं. वहीं कांग्रेस को सिर्फ 70 सीटें. जबकि, इंडिया टुडे सी वोटर, सीएनएन आईबीएन-सीएसडीएस, एनडीटीवी-हंसा रिसर्च की बात करें तो इन लोगों ने एग्जिट पोल में एनडीए गठबंधन को 289, 280 और 279 सीटें दी थीं.
जब इन सबका औसत निकाला गया तो एनडीए गठबंधन को औसत 306 सीटें एग्जिट पोल्स में मिलीं. वहीं जब असली रिजल्ट आया तो इसमें एनडीए को कुल 353 सीटें मिलीं. यानी इस बार भी एग्जिट पोल्स और असली आंकड़ों में 47 सीटों का अंतर रहा. इन तीन चुनावों के लोकसभा नतीजों और एग्जिट पोल्स के आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद हम ये कह सकते हैं कि जीतने वाले गठबंधन को एग्जिट पोल्स में जो औसत नंबर मिलते हैं, असली नतीजे इससे लगभग 50 सीटों की बढ़त के साथ आते हैं.
