नई दिल्ली :- आटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स के संगठन सोसायटी आफ इंडियन आटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स का कहना है कि कई विदेशी बाजारों में मौद्रिक संकट की वजह से देश से वाहनों के निर्यात में गिरावट आई है। बीते वित्त वर्ष में कुल वाहन निर्यात 45,00,492 इकाई रहा, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष 2022-23 में यह 47,61,299 इकाई था। पिछले वित्त वर्ष में यात्री वाहनों का निर्यात 1.4 प्रतिशत बढ़कर 6,72,105 इकाई हो गया, जो वित्त वर्ष 2022-23 में 6,62,703 इकाई था।
समीक्षाधीन अवधि में मारुति सुजुकी ने 2,80,712 वाहनों का निर्यात किया। इससे पिछले वित्त वर्ष में मारुति का निर्यात 2,55,439 इकाई रहा था। हुंडई मोटर इंडिया ने पिछले वित्त वर्ष में 1,63,155 इकाइयों का निर्यात किया। इससे पिछले वित्त वर्ष में इसने 1,53,019 वाहनों का निर्यात किया था। किआ मोटर्स ने वर्ष के दौरान 52,105 वाहनों का निर्यात किया।
दोपहिया वाहनों के निर्यात में पिछले वित्त वर्ष में 5.3 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 34,58,416 इकाई रहा। इससे पिछले वित्त वर्ष में इस खंड में निर्यात 36,52,122 इकाई था। इसी तरह, वाणिज्यिक वाहनों का निर्यात 16 प्रतिशत घटकर 65,816 इकाई पर आ गया। 2022-23 में वाणिज्यिक वाहनों का निर्यात 78,645 इकाई रहा था। तिपहिया वाहनों का निर्यात पिछले वित्त वर्ष में 18 प्रतिशत घटकर 2,99,977 इकाई रह गया, जबकि 2022-23 में यह 3,65,549 इकाई था
सियाम के प्रेसिडेंट विनोद अग्रवाल ने कहा कि कुछ देश जहां हम वाणिज्यिक वाहन और दोपहिया निर्यात के मामले में बहुत मजबूत हैं, विदेशी विनिमय से संबंधित मुद्दों का सामना कर रहे हैं। इस साल जनवरी-मार्च तिमाही में कुछ अच्छा सुधार देखने को मिला है। खासकर दोपहिया वाहनों के खंड में।
