नई दिल्ली:- रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) इस सीजन शानदार खेल का प्रदर्शन कर रही है, जिसकी वजह से वो अंक तालिका में 14 अंको के साथ टॉप पर बने हुए है. अब आरसीबी फैन्स ये उम्मीद करने लगे हैं कि इस साल ट्रॉफी आरसीबी ही उठाएगी.
आरसीबी का अगला मैच बेंगलुरु में 3 मई को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ है. उससे पहले टीम के उभरते हुए सितारे सुयश शर्मा ने आरसीबी बोल्ड डायरीज में आईपीएल तक के अपने चुनौतीपूर्ण सफर और चोट के बावजूद खेल खेलने के प्रति अपने जुनून पर खुलकर बात की है.
सुयश शर्मा को आईपीएल 2022 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने 20 लाख में खरीदा था और फिर वो दो सीजन 23 और 24 केकेआर के लिए खेले. उन्होंने 2023 इंडियन प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ 6 अप्रैल 2023 को डेब्यू किया. इसके बाद आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी में उन्हें रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने 2.60 करोड़ में खरीद लिया.
पिता की कैंसर से मृत्यु, कोच कोविड में चल बसे: सुयश शर्मा
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु द्वारा सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर साझा किए गए वीडियो में आरसीबी के युवा स्पिनर सुयश शर्मा ने बताया कि उनकी मां एक टीचर थीं और पिता एक फैक्ट्री के मालिक थे लेकिन वो कैंसर जैसी बीमारी से जूझते हुए चल बसे, लेकिन मैं ने क्रिकेट खेलना और मेहनत करना नहीं छोड़ा, क्योंकि मुझे यकीन था कि एक न एक दिन मैं आईपीएल जरूर खेलेंगे. उन्होंने ये भी बताया कि मेरे भी बचपन के वही कोच थे जो विराट कोहली के थे लेकिन 2021 में कोविड की वजह से उनकी मृत्यु हो गई और फिर उनके दोस्त ने मेरी कोचिंग जारी रखी.
IPL में सिलेक्ट होने की खबर सुनते ही मेरे पिता रो पड़े: सुयश शर्मा
21 वर्षीय सुयश शर्मा ने बताया कि कैसे उन्होंने आरसीबी में जाने से पहले गत चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ अपना पहला आईपीएल अनुबंध हासिल किया. उन्होंने कहा, मैंने आईपीएल से पहले कभी कोई बड़ा टूर्नामेंट नहीं खेला था. मैं ने सिर्फ अंडर-25 खेला था. छह या सात साल ट्रायल में बिताया लेकिन मुझे कभी नहीं चुना गया. जब भी मैं अपने माता-पिता से मिलने जाता था, तो वे पूछते थे कि मुझे आईपीएल में कब मौका मिलेगा. लेकिन मेरे माता-पिता ने कभी भी मेरा साथ नहीं छोड़ा, क्योंकि वे देखते थे कि मैं कितनी मेहनत कर रहा था.
सुयश ने आगे कहा कि जब मैं अंडर-25 के बाद, आईपीएल ट्रायल के लिए गया. उस समय मेरी गुगली बहुत तेज थी, और केकेआर का अभ्यास मैच में मैं ने दस में से आठ विकेट लिए. उस समय विकेटकीपर को भी मेरी गेंद समझ नहीं आ रही थी. उसी मैच के बाद केकेआर ने मुझे सिलेक्ट कर लिया. मेरे पिता उस समय अस्पताल में थे और जब उन्होंने ये खबर सुनी तो वे रो पड़े. क्योंकि किसी को उम्मीद नहीं थी कि मैं इतनी जल्दी आईपीएल खेलूंगा.
RCB ने मेरी बहुत मदद की, मेरे करियर को बचाया
सुयश ने लंदन में अपनी सर्जरी करवाने और आईपीएल 2025 के लिए तैयार होने के लिए आरसीबी को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, ‘आरसीबी ने मुझे सर्जरी के लिए लंदन भेजा. वहां मेरी मुलाकात आरसीबी टीम के फिजियो जेम्स पाइपी से हुई. उन्होंने और उनके परिवार ने मेरे साथ परिवार की तरह व्यवहार किया. मुझे तीन हर्निया थे. ईमानदारी से कहूं तो मुझे पहले मैच में खेलने की उम्मीद नहीं थी. मुझे बताया गया था कि मैं तीन या चार मैच बाद खेल सकुंगा, क्योंकि यह एक बड़ी सर्जरी थी. लेकिन पाइपी और उनके परिवार ने मेरा ख्याल रखा. मैं बहुत आभारी हूं कि मैं इस फ्रेंचाइजी में हूं.
पिछले दो सालों से मैं दर्द में भी खेलता रहा: सुयश शर्मा
सुयश ने आगे कहा, ‘मैं अब फिट हूं, पिछले दो सालों से मैं दर्द से जूझ रहा था और मुझे दर्द में खेलने की आदत पड़ गई. समस्या यह है कि अगर आप भारत या किसी फ्रेंचाइजी के लिए खेल रहे हैं, तो आप मैनेज कर सकते हैं. जब मैं नहीं खेल रहा था, तो मुझे यह चोट लगी थी, लेकिन मुझे इसका पता भी नहीं चला. आरसीबी ने मुझ पर बहुत भरोसा दिखाया. उन्होंने मुझ पर निवेश किया. मैं अपनी सर्जरी से बहुत खुश हूं. मैं अब जिस रास्ते पर हूं, उस पर मैं पहले नहीं था. जो भी होता है, अच्छे के लिए होता है.’
आरसीबी के खिलाफ आईपीएल में डेब्यू करना काफी बड़ा चैलेंज था
आरसीबी के खिलाफ अपने आईपीएल डेब्यू और बड़े मंच के दबाव को संभालने के बारे में, युवा खिलाड़ी ने कहा, ‘मेरा डेब्यू आरसीबी के खिलाफ था और मुझ पर बहुत दबाव था क्योंकि मैं पहले कभी मैच देखने भी नहीं गया था. मैंने कभी इतने सारे लोगों की भीड़ नहीं देखी थी.ग्राउंड खचाखच भरा हुआ था, मैं सीधे खेल में उतर गया. जब तक आप किसी मैच में गेंदबाजी नहीं करते, तब तक आपको नहीं पता कि यह कैसा है. मैं ये बयान नहीं कर सकता कि मैं उस समय क्या महसूस कर रहा था. मेरा दिमाग खाली था, लेकिन मैंने वही करने की कोशिश की जो मैं हमेशा करता आया हूं.
पहले ओवर के बाद, सब कुछ शांत हो गया. मैं भीड़ को देख सकता था, उस पल को महसूस कर सकता था. मुझे हमेशा से पता था कि मैं आईपीएल में खेलूंगा, लेकिन मैंने नहीं सोचा था कि यह इतनी जल्दी हो जाएगा. मैं 19 साल का था, तो मैंने सोचा था कि मैं 24 या 26 की उम्र में आईपीएल डेब्यू करूंगा. मुझे हमेशा खुद पर भरोसा था. जब आप कड़ी मेहनत करते हैं, तो भगवान आपकी मदद करते हैं. इस सीजन के लिए अपने लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर, सुयश ने जवाब दिया, ‘मेरा एक ही लक्ष्य है कि हम इस साल जीतें और ट्रॉफी उठाएं, अभी मेरा यही एकमात्र लक्ष्य है’