कुशीनगर
जिले के रामकोला थाना क्षेत्र के ग्राम माघी मठिया के एक घर में बुधवार को दोपहर अचानक आग लग गई। इसमें एक ही परिवार के चार मासूम बच्चों समेत सात लोगों की जलकर मौत हो गई। जबकि एक 13 साल की बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई है। जब आग लगी तब सभी घर में सो रहे थे। बाहर की झोपड़ी में आग लगी और पक्के मकान में वहां तक पहुंच गयी थी, जहां परिवार सो रहा था।
बता दें कि माघी मठिया निवासी शेर मोहम्मद पैर से दिव्यांग है। वह ऑटो चलाकर परिवार को भरण पोषण करता है। रोज की तरह बुधवार को भी ऑटो लेकर निकल गया। घर में उसकी पत्नी फातिमा 30 वर्ष, बेटियां कुलसुम 13 वर्ष, रोकई 6 वर्ष, आयशा 4 वर्ष, अमीना 2 वर्ष, खतीजा 2 माह, दादा शफीक 72 वर्ष व दादी मोतीरानी 68 वर्ष मौजूद थीं।
दोपहर में तेज हवा चलने के दौरान सभी घर के अंदर सो रहे थे। घर के बाहर झोपड़ी डाल रखी थी। दोपहर बाद करीब 3 बजे इसी झोपड़ी में अज्ञात कारणों से आग लगी। आग की लपटें झोपड़ी को निगलने के बाद पक्के मकानों तक पहुंच गई। वहां सभी सो रहे थे। जब तक उनकी नींद खुलती तब तक सभी आग में बुरी तरह से घिर चुके थे।
चीख सुनकर आस पास के लोग जुटे। पंपिंग सेट चलाकर पानी फेंकने का क्रम शुरू हुआ। जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक फातिमा व उसकी बेटियां रोकई, आयशा, अमीना व खतीजा की जलकर मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से झुलसे शफीक, मोतीरानी व कुलसुम को एंबुलेंस बुलाकर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां पहुंचने के बाद कुछ देर बाद डॉक्टरों ने बुजुर्ग शफीक व मोतीरानी को भी मृत घोषित कर दिया।
मौके पर एसपी धवल जायसवाल के साथ पहुंचे डीएम रमेश रंजन ने सभी मृतकों पर 4-4 लाख के मुआवजे की घोषणा की है। घर में आग लगने की खबर सुनकर कुछ देर ऑटो लेकर पहुंचा शेर मोहम्मद बदहवाश हो गया। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करे।