रायपुर। केंद्र वित्तीय निर्मला निर्मला सीतारमण ने शिमला में आज एनपीएस को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पेंशन योजना में जमा पैसा इसमें योगदान करने वाले व्यक्तियों का है और कानून के तहत राज्य सरकारें इसे नहीं ले सकती हैं. मंत्री सीतारमण ने पुरानी पेंशन व्यवस्था को कहा कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकारें केंद्र से पैसा लौटाने के लिये कह रही हैं, लेकिन कानून के तहत ऐसा नहीं किया जा सकता है.
इन दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था शुरू करने के लिये केंद्र से एनपीएस के तहत जमा लोगों का पैसा लौटाने को कहा है. राजस्थान और छत्तीसगढ़ दोनों कांग्रेस शासित राज्यों ने सरकारी कर्मचारियों के लिये पुरानी पेंशन व्यवस्था फिर से लागू करने को अधिसूचित किया है. केंद्र कर्मचारियों का पैसा नहीं रख सकता है. कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में यह व्यवस्था फिर से शुरू करने का वादा किया है और यह राज्य के विधानसभा चुनाव में प्रमुख चुनावी मुद्दा बन गया है.
राज्य में 1.75 लाख सरकारी कर्मचारी हैं. हिमाचल प्रदेश में 12 नवंबर 2022 को चुनाव के लिए मतदान होना है.”कानूनी राय ले रही सरकारेछत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि केंद्र ने एनपीएस के अंतर्गत पंजीकृत राज्य सरकार के कर्मचारियों का 17,000 करोड़ रुपये लौटाने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्र लंबे समय तक पैसा नहीं रख सकता और राज्य सरकार ने इस बारे में कानूनी राय मांगी है और अदालत जा सकती हैं