हिमाचल प्रदेश में आज सुबह 10 बजे सुक्खू सरकार का पहला कैबिनेट विस्तार शुरू हो गया है। इसमें करीब 7 विधायक मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नामों की जो सूची आलाकमान को भेजी है, उनमें पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह की शामिल हैं.
नामों की जो सूची ये शामिल
इसके अलावा कांगड़ा के जवाली से चंदर कुमार, पूर्व मंत्री और पूर्व लोकसभा सदस्य और सोलन से सबसे पुराने विधायक धनी राम शांडिल, सिरमौर के शिलाई से छह बार के विधायक हर्षवर्धन चौहान, किन्नौर के पूर्व डिप्टी स्पीकर जगत सिंह नेगी, पूर्व मुख्यमंत्री राम लाल ठाकुर के पोते और जुब्बल-कोटखाई से चार बार के विधायक रोहित ठाकुर और कांगड़ा के धर्मशाला से पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा भी कैबिनेट मंत्री की शपथ ले सकते हैं.
कांग्रेस को 40, बीजेपी को 25 सीटें
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा की कुल 68 सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 35 सीटों की जरूरत होती है. कांग्रेस ने यहां 40 सीटों पर जीत दर्ज की है. यानी कांग्रेस की सरकार बनना तय है. इस चुनाव में बीजेपी के खाते में 25 तो अन्य के हिस्से में तीन सीटें आई हैं. वहीं, आम आदमी पार्टी एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाई. इस चुनाव में 412 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर थी. हर 5 साल में सरकार बदलने वाले इस राज्य में इस बार भी ट्रेंड रिपीट हुआ है.
कांग्रेस ने 68 विधानसभा सीटों में से ऊना, सोलन और हमीरपुर में चार-चार, सिरमौर में तीन, चंबा और कुल्लू में दो-दो और मंडी, बिलासपुर, किन्नौर और लाहौल और स्पीति जिलों में एक-एक सीट समेत 40 सीटों पर जीत हासिल की है.