जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बीती रात पुलिस की दबिश में पकड़े गए सेक्स रैकेट से जुड़ीं युवतियां फ्लाइट से आना-जाना करती थीं. इन्हें नेपाल, बांग्लादेश से बुलाया जाता था. वे हफ्ते-दस दिन रुककर चली जाती थीं. बुधवार रात पकड़े गए इस रैकेट की अब तक की जांच में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं. इनके नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है. एक युवती ने पूछताछ में बताया है कि सीईओ लिखी गाड़ी से भी एक अधिकारी उसके पास आया था.
देह व्यापार का सरगना संजय तिवारी है. उसने शहर के विजय नगर स्कीम-41 में 15000 रुपए महीने पर तीन मंजिला मकान किराए पर ले रखा था. इस मकान में उसने विदेशी नस्ल के 3 कुत्ते पाल रखे हैं. उसके साथ साहिल, निखिल, आजाद और उसकी पत्नी रोशनी काम करते थे. संजय का काम ग्राहक तलाशना था. आजाद और रोशनी युवतियों से संपर्क करते थे. जिस कस्टमर को युवती होटल में चाहिए होती थी, उसे छोडऩे और लाने का काम निखिल व साहिल करते थे. संजय अपने मोबाइल की डीपी में हमेशा इन युवतियों की पिक लगाकर रखता था. वॉट्सऐप स्टेटस में भी युवतियों की फोटो होती थीं. कस्टमर इसी स्टेटस के जरिए युवती को पसंद करता और फिर फोन पर कॉन्टैक्ट करता था. पुलिस पूछताछ में पता चला है कि नेपाल और पश्चिम बंगाल से आई युवतियों को जबलपुर के बाद बांधवगढ़ और कान्हा जाना था. वहां उनकी बुकिंग थी.
जबलपुर की माढ़ोताल थाना पुलिस ने बुधवार रात दबिश देकर 5 युवतियों, दंपती समेत 10 लोगों को पकड़ा था. पुलिस एक हफ्ते से लगातार घर की निगरानी कर रही थी. एक पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर भेजा. इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया. माढ़ोताल थाना प्रभारी रीना पांडे ने बताया कि हमें सूचना मिल रही थी कि विजय नगर स्कीम-41 के पास एक किराए के घर पर सेक्स रैकेट चल रहा है. घर के आसपास सिविल यूनिफॉर्म में पुलिसकर्मी तैनात कर जांच की तो सूचना सही पाई गई. संजय तिवारी ने जिस तीन मंजिला मकान को किराए पर लिया था, उसमें सबसे नीचे फ्लोर पर सामान्य तरह से सामान रखा हुआ था, जिससे किसी को यह समझ में नहीं आए कि यहां पर कुछ अनैतिक काम हो रहा है. फर्स्ट और सेकंड फ्लोर पर गलत काम होते थे. संजय की गैंग के पास दो टू व्हीलर हैं. इससे वे लड़कियों को लाने-छोडऩे का काम करते थे. जब कभी महंगा ग्राहक होता, तो किराए पर लग्जरी गाडिय़ां तक लेकर ये लोग होटल तक युवतियों को छोडऩे जाते