चीन की चुनौती से निपटने के लिए भारत ने बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व प्रगति की है. दुर्गम इलाक़ों में रोड, टनल, ब्रिज बनाए गए हैं ताकि सिक्योरिटी फोर्सेज तेजी से मूवमेंट्स कर सके. यह बात विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कही है. एक सवाल के जवाब में विदेश मंत्री ने कहा कि चीन ने अपनी सीमा के अंदर इंफ़्रास्ट्रक्चर डेवलप कर लिया है. वो अपने बॉर्डर पर फौज तुरंत ला सकते हैं. हमारी पिछली सरकारों ने बॉर्डर पर काम नहीं किया था.
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले यह संभव नहीं था कि हमारी फौज तुरंत सीमा पर तैनात हो जाए.विदेश मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी (चीनी) फौज गाड़ियों से बॉर्डर के पॉइंट्स पर पहुंचती थी और हमारे सैनिकों को कितनी दिक़्क़त थी. हमने इसलिए डेवलप किया. आज हमारी सेना अगर तेज़ी से वहां तैनात हो पा रही है तो वो इसी की देन है. 2014 से पहले यह संभव नहीं था. बॉर्डर पर हम अपनी सैनिक को तैनात कर पा रहे हैं.
उनको (चीन) अच्छा लगे या ना लगे लेकिन हमारा इंफ़्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जारी रहेगा. जयशंकर नेकहा कि बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने के किए रक्षा, गृह, विदेश और दूसरे मंत्रालय आपस में बेहतर तालमेल के साथ काम कर रहे हैं.अब तुरंत सीमा पर तैनात की जा सकती है सेनाबॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) भी निजी कंपनियों के साथ मिलकर काम करती है ताकि सभी तरह के एक्स्पर्टीज़ का लाभ लिया जा सके.
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि सीमाई इलाके में हमारी फौज के आने-जाने में सुविधा हुई है. वे तेजी से एक दूसरे जगहों पर आ जा सकते हैं. सीमा पर बसे लोगों को भी सुविधा हुई है. बीआरओ ने तीन साल में 2445 किलोमीटर रोड बनाए हैं. चुशुल से डैमचौक के इलाके में सड़कों का निर्माण कराया गया है. कई सुरंग भी बनवाए गए हैं. पहले एक साल में टनल बनते थे. अब पांच-सात बन रहे हैं. सात और टनल बनाने का प्लान है.
बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 400% बढ़ाया बजटविदेश मंत्री ने बताया कि 19000 फीट की ऊंचाई पर दुनिया के सबसे ऊंचे इलाके में सरकार ने सड़क बनवाई. देमचोक इलाके में लद्दाख में 16 पासेज के पास, 70 सड़क बनवाए गए और 1800 किलोमीटर तक सड़कें बनवाई गई है.
उन्होंने बताया कि मोदी सरकार सीमा की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए हमने बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर को काफ़ी मज़बूत किया है. इसके लिए 14300 करोड़ का बजट आवंटित किया गया. उन्होंने बताया कि इसके बजट में 2014 से 400 फीसदी का इजाफा किया गया है.
