यह मंथली एवरेज उपयोग के हिसाब से आवंटित की जाएगी. यह एवरेज इलेक्ट्रीसिटी सप्लाई कंपनियों की मदद से कैलकुलेट की जाएगी. यह एवरेज 2022-23 के आंकड़ों के मुताबिक किया जाएगा. इसे इस तरह से समझा जा सकता है कि अगर किसी ने एवरेज 100 यूनिट बिजली इस्तेमाल की है तो उसे 10 प्रतिशत एक्स्ट्रा बिजली इस्तेमाल करने की लिमिट दी जाएगी.
इसका सीधा मतलब यह है कि पिछले साल अगर किसी ने एवरेज बिजली हर महीने 100 यूनिट इस्तेमाल की है तो उसे हर महीने 110 यूनिट बिजली इस्तेमाल करने की लिमिट दी जाएगी. अगर कंज्यूमर ने इस लिमिट को क्रॉस किया तो उसे सिर्फ बढ़ी हुए यूनिट का बिल भरना होगा. उसके एवरेज कंजप्शन के ऊपर जो भी यूनिट इस्तेमाल की जाएगी वह ही कंज्यूमर का कुल बिल होगा. यह बदलाव अगस्त महीने से किया जाएगा.
जिन कंज्यूमरों ने 200 या उससे अधिक बिजली बिल का उपभोग किया है उन्हें पूरा बिल भरना पड़ेगा. यह स्कीम सिर्फ डोमेस्टिक बिजली कनेक्शन के लिए लागू की जा रही है. जिन उपभोक्ताओं को लिमिट दी गई है, अगर वह उस तय लिमिट में ही बिजली खर्च करेंगे तो उन्हें किसी तरह के बिल का भुगतान नहीं करना होगा. जिन लोगों को इस योजना का लाभ चाहिए उन्हें सेवा सिंधु पोर्टल पर अप्लाई करना होगा.