श्रीलंका: में जारी भारी आर्थिक संकट के बीच ताजा खबर यह है कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे परिवार सहित देश छोड़कर भाग गए हैं। जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे अपनी पत्नी के साथ मिलिट्री के विमान से बीती रात करीब 10 बजे मालदीव भाग गए हैं। पूर्व की घोषणा के मुताबिक, गोटाबाया राजपक्षे को आज इस्तीफा देना था,लेकिन कल शाम को अचानक उन्होंने इसमें अपनी और परिवार की सुरक्षित निकासी की शर्त जोड़ दी।
बहरहाल, अब श्रीलंका के प्रधानमंत्री कार्यकारी राष्ट्रपति होंगे और इसके साथ ही नई सरकार के गठन की कार्रवाई शुरू की जाएगी। अनाज और ईंधन की कमी से जूझ रहे श्रीलंका के लोगों को उम्मीद है कि नई सरकार के गठन के बाद हालाता सामान्य होंगे।इस बीच, भारतीय उच्चायोग ने इन मीडिया रिपोर्टों का खंडन करता है कि भारत ने श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की हाल ही में श्रीलंका से बाहर की यात्रा के लिए सुविधाएं मुहैया की। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने इन खबरों का खंडन किया है।कोलंबो में एक बार फिर प्रदर्शन शुरूइससे पहले गोटाबाया के छोटे भाई और पूर्व वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे को अपने परिवार के साथ श्रीलंका छोड़ने से रोक दिया गया। बासिल राजपक्षे सोमवार की रात कोलंबो एयरपोर्ट के वीआइपी टर्मिनल के जरिये देश छोड़ने की फिराक में थे। श्रीलंका इमिग्रेशन एवं एमिग्रेशन आफिसर्स एसोसिएशन ने बताया कि अधिकारियों ने बासिल को वीआइपी टर्मिनल का इस्तेमाल करने देने से रोक दिया।
दुबई जाने वाली अमीरात एयरलाइंस की उड़ान के यात्रियों ने भी बासिल के छोड़ने का विरोध किया। इसके चलते 71 वर्षीय राजपक्षे को एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा।श्रीलंका की आर्थिक बदहाली के लिए जिम्मेदार माने जाने वाले बासिल अमेरिकी पासपोर्ट धारक हैं। उन्हें अप्रैल में उस वक्त अपने पद छोड़ना पड़ा था, जब ईंधन, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी का विरोध करते हुए लोग सड़कों पर उतरे थे।
श्रीलंका के संविधान के अनुसार अगर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ही इस्तीफा दे देते हैं तो संसद के स्पीकर अधिकतम 30 दिन तक कार्यवाहक राष्ट्रपति बन सकते हैं। 30 दिन के भीतर संसद नए राष्ट्रपति का चुनाव करेगी